Aurangabad News : मदनपुर में अवैध नर्सिंग होम की हुई जांच

Aurangabad News: सात क्लिनिकों की जांच में न रजिस्ट्रेशन मिला न लाइसेंस, संचालकों में मची हड़कंप

By Prabhat Khabar News Desk | March 4, 2025 10:39 PM

औरंगाबाद/मदनपुर.

मदनपुर के एक अवैध क्लिनिक में प्रसव पीड़ा से ग्रसित महिला की मौत के बाद अवैध क्लिनिकों की जांच शुरू कर दी गयी है. डीएम के आदेश पर बीडीओ डॉ अवतुल्य कुमार आर्य और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार की टीम ने कई क्लिनिकों की जांच की. जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप भी दी गयी है. जानकारी के अनुसार, खिरियावां मोड़ पर मां आशीर्वाद हॉस्पिटल की जांच की गयी. अमरेंद्र शर्मा व ललित शर्मा इसके संचालक हैं. जांच के दौरान हॉस्पिटल व डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया. फार्मेसी का लाइसेंस नहीं था. फायर, बायो वेस्टेज व पॉल्यूशन का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला. हॉस्पिटल में पांच बेड पाया गया. ओटी टेबल के साथ मनीता कुमारी नामक मरीज भर्ती मिली. इसी हॉस्पिटल में ऑपरेशन कर उसका प्रसव कराया गया. वह अपने नवजात बच्चे के साथ एडमिट पायी गयी. खिरियावां मोड़ पर ही संचालित गौतम बुद्धा हॉस्पिटल की जांच हुई. वीरेंद्र कुमार भारती और अजीत कुमार को संचालक बताया गया. हॉस्पिटल व डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया. फार्मेसी का लाइसेंस भी नहीं था. थाना मोड़ पर माता मनोरमा हॉस्पिटल की जांच की गयी. इसके संचालक लालू कुमार है. हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला. डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन होमियोपैथी का पाया गया. फार्मेसी का लाइसेंस नहीं था. फायर, बायो वेस्टेज व पॉल्यूशन का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला. दर्जी बिगहा के समीप शुभ संवेदना सदन बाहर से बंद पाया गया. ब्रजेश कुमार द्वारा संचालित हॉस्पिटल भी बाहर से बंद मिला. निरीक्षण के दौरान पता चला कि 22 फरवरी को इसी अस्पताल में एक महिला का ऑपरेशन हुआ था. नस कटने से उसकी मौत हो गयी थी. उसी समय से संचालक हॉस्पिटल बंद कर फरार है. इस मामले में मदनपुर थाने में एफआईआर दर्ज है. खिरियावां रोड में डॉ राजेश द्वारा संचालित सेवा सदन भी बंद पाया गया. डॉ जी मिश्रा क्लिनिक पर केवल बोर्ड लगा पाया गया. मकान मालिक ने बताया कि यहां कोई डॉक्टर नहीं रहता है. बीडीओ ने बताया कि अवैध नर्सिंग होम की जांच की गयी है. बहुत से नर्सिंग होम अवैध रूप से संचालित किये जा रहे हैं. हालांकि, जांच के दौरान सभी नर्सिंग होम बंद पाये गये. जांच प्रतिवेदन जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री को भेजा जायेगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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