Aurangabad News : हिन्दी-उर्दू दोनों भाषाओं की जुबान एक ही

Aurangabad News: दाउदनगर महाविद्यालय के प्रेमचंद सभागार में उर्दू व हिन्दी विभाग ने किया सेमिनार

दाउदनगर. दाउदनगर महाविद्यालय के प्रेमचंद सभागार में आइक्यूएसी के तत्वावधान में उर्दू और हिन्दी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार का मुख्य विषय साझा संस्कृति और नजीर अकबराबादी की शायरी था. अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो डॉ एमएस इस्लाम ने कहा कि नजीर अकबराबादी की रचनाओं में भारत की सांस्कृतिक एकता की झलक मिलती है. हिन्दी और उर्दू की लिपि भले ही अलग हो, परंतु दोनों भाषाओं की जुबान एक ही है. भारत के वर्तमान राजनीतिक परिवेश में जिस प्रकार की सामाजिक परिस्थितियां बन गयी हैं, वैसी स्थिति में अकबराबादी, प्रेमचंद व दिनकर जैसे साहित्यकारों की प्रासंगिकता पहले से अधिक हो गयी है, क्योंकि इन सभी ने भारतीय सामाजिक व्यवस्था को इंसानियत की नजर से वर्णित किया है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हो या इस्लाम धर्म दोनों आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव की बात ही सिखलाता है. उन्होंने विभिन्न छात्र संगठनों की आलोचना करते हुए कहा कि आज से 10-15 वर्ष पहले के छात्र संगठन छात्रों से जुड़ी समस्याओं और मुद्दों को बड़ी शालीनता से विश्वविद्यालय एवं कॉलेज प्रशासन के समक्ष रखते थे, परंतु वर्तमान में उनमें काफी परिवर्तन हो गया है तथा शालीनता के स्थान पर उग्रता हावी हो गया है. उर्दू विभाग के सहायक प्राचार्य डॉ मो हुजैफा ने नजीर अकबरावादी का जीवन परिचय देते हुए उनकी लिखी विभिन्न शायरी को सुनाया. उन्होंने कहा कि अकबराबादी साझी संस्कृति, जिसे गंगा-जमुना तहजीब कहते हैं कि एक मिशाल थे. उन्होंने होली, दिवाली, दशहरा, शिवरात्रि, ईद, शबे बरात जैसे धार्मिक उत्सवों से लेकर इंसान की रोजमर्रा की जरूरतों एवं दैनिक जीवन पर भी अनेक नज्में लिखी हैं. इसलिए उन्हें नज्मों का पिता भी कहा जाता है. उर्दू विभाग के बीए पार्ट तीन के छात्र मो आजाद ने भी नजीर अकबराबादी का संक्षिप्त जीवन परिचय देते हुए उनकी कुछ नज्में सुनायी. मंच संचालन एवं विषय प्रवेश हिंदी के वरीय सहायक प्राचार्य आकाश कुमार ने करते हुए गंगा-जमुना तहजीब के अर्थ को बताया. धन्यवाद ज्ञापन भूगोल के वरीय सहायक प्राचार्य डॉ देव प्रकाश ने किया. मौके पर सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे.

विधायक ने कॉलेज के विकासात्मक कार्य के लिए दिए 15 लाख रुपये

ओबरा के विधायक ऋषि कुमार ने दाउदनगर कॉलेज में विकासात्मक कार्य के लिए 15 लाख रुपये दिये हैं. कॉलेज के पीआरओ डॉ देव प्रकाश ने बताया कि 19 अप्रैल को दाउदनगर कॉलेज में विधायक निधि से 10 लाख रुपये के लगाये गये ओपेन जिम के लोकार्पण तथा प्रधानाचार्य प्रो डॉ एमएस इस्लाम द्वारा कांति सिंह-ऋषि कुमार द्वार के उद्घाटन में भाग लेने आए विधायक ऋषि कुमार ने यह घोषणा की थी कि वे अपने विधायक निधि से कॉलेज परिसर में 15 लाख रुपये का गर्ल्स कॉमन कॉम रूम का निर्माण करायेंगे. अपने वादे को निभाते हुए शुक्रवार को प्रधानाचार्य से दूरभाष पर विधायक ने कहा कि उनकी तरफ से राशि विमुक्त कर दी गयी है तथा आगे की प्रक्रिया जिलाधिकारी औरंगाबाद द्वारा की जायेगी. उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारी द्वारा नियुक्त अभियंता जल्द ही कॉलेज परिसर में उपयुक्त स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य को आरंभ करेंगे. वहीं, दूसरी ओर 24 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम के मौके पर काराकाट के सांसद राजाराम सिंह ने भी अपने उद्बोधन में यह संकेत दिए थे कि वे सांसद निधि से कॉलेज में विभिन्न विकासात्मक कार्य करायेगे. इस संदर्भ में महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि माननीय सांसद महोदय से दूरभाष पर वार्ता हुई है, जिसमें उन्होंने पीजी के विद्यार्थियों के लिए पांच क्लासरूम के निर्माण के लिए कार्य योजना बनाकर भेजने को कहा है, ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके. प्रधानाचार्य ने दोनों जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ये सभी विकासात्मक कार्य दाउदनगर महाविद्यालय के विकास के लिए दूरगामी साबित होंगे, क्योंकि इससे न केवल विद्यार्थियों के पठन-पाठन के लिए सुविधाएं विकसित होंगी, बल्कि कॉलेज के लिए नैक कार्य को और प्रबल करेंगी.

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