Aurangabad News: (औरंगाबाद से सुजित कुमार) प्रखंड के जीटी रोड किनारे स्थित कनबेहरी गांव का तालाब अब पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है.डीएम अभिलाषा शर्मा ने तालाब का स्थलीय निरीक्षण कर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और स्थानीय रोजगार सृजन को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की.
तालाब परिसर को बनाया जाएगा आकर्षक
डीएम ने तालाब की वर्तमान स्थिति,जल क्षेत्र के विस्तार,पहुंच पथ,आसपास के प्राकृतिक वातावरण और पर्यावरणीय परिस्थितियों का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तालाब परिसर को आकर्षक और स्वच्छ बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए. योजना में प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, हरित क्षेत्र का विकास, स्वच्छता प्रबंधन और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं शामिल की जाएंगी.
पहला सोलर ट्री बना आकर्षण का केंद्र
निरीक्षण के दौरान तालाब परिसर में स्थापित जिले के पहले सोलर ट्री ने भी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया.डीएम ने सोलर ट्री का अवलोकन कर इसे सराहनीय पहल बताया और कहा कि अक्षय ऊर्जा आधारित ऐसी परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस तरह की पर्यावरण अनुकूल योजनाओं को और बढ़ावा दिया जाएगा.डीएम ने कहा कि कनबेहरी तालाब प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण से भरपूर है.यदि योजनाबद्ध तरीके से इसका विकास किया जाए तो यह स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है.
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
उन्होंने कहा कि जलस्रोतों का संरक्षण केवल पर्यावरण संतुलन के लिए ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण और जैव विविधता को बचाने के लिए भी बेहद जरूरी है.उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद ऐसे प्राकृतिक स्थलों का विकास होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे गांव की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, एसडीओ संतन कुमार सिंह, समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
