दो वर्षों से बंद जलमीनार, बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा औरंगाबाद का महादलित टोला, प्रशासन बेखबर

जिले के मदनपुर नगर पंचायत अंतर्गत ग्राम दशवतखाप के वार्ड संख्या 12 स्थित महादलित टोला में पिछले दो वर्षों से जल संकट गहराया हुआ है. यहां लगा जलमीनार लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है.

Aurangabad News: (औरंगाबाद से सुजीत कुमार सिंह) जिले के मदनपुर नगर पंचायत अंतर्गत ग्राम दशवतखाप के वार्ड संख्या 12 स्थित महादलित टोला में पिछले दो वर्षों से जल संकट गहराया हुआ है. यहां लगा जलमीनार लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ा है. जिसके कारण दर्जनों परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. भीषण गर्मी के बीच लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, लेकिन अब तक प्रशासन या जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

क्यों बंद हुआ जलमीनार?

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री नल-जल योजना के तहत लगाए गए जलमीनार से शुरुआत में कुछ दिनों तक पानी मिला, लेकिन तकनीकी खराबी आने के बाद यह पूरी तरह बंद हो गया. कई बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारी और नगर पंचायत प्रशासन समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं.

टॉल फ्री नंबर पर शिकायत भी बेअसर

सुनील सिंह,संजय कुमार,मनोज कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना के टॉल फ्री नंबर पर कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला.स्थिति जस की तस बनी हुई है. लोगों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी कोई कर्मी जांच करने तक नहीं पहुंचा. इससे लोगों में भारी नाराजगी है.

पड़ोसी के निजी बोरिंग से मिल रहा सहारा

महादलित टोला के लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है. मोहल्ले के एक व्यक्ति द्वारा अपने निजी बोरिंग से प्रतिदिन आसपास के परिवारों को दो-दो बाल्टी पानी दिया जाता है, जिससे किसी तरह लोगों की प्यास बुझ रही है.महिलाएं और बच्चे सुबह से ही पानी भरने के लिए लाइन लगाते हैं.

जनप्रतिनिधियों से कार्रवाई की मांग

स्थानीय ग्रामीणों ने नगर पंचायत प्रशासन और जिला प्रशासन से अविलंब जलमीनार की मरम्मत कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा करती है, तो फिर महादलित टोला के लोग आखिर कब तक पानी के लिए भटकते रहेंगे.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में अपनी करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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