Aurangabad News : किसानों ने लगायी कृषि प्रदर्शनी

Aurangabad News : किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी में नयी तकनीक से खेती करने को किया गया प्रेरित

औरंगाबाद शहर.

संयुक्त कृषि भवन के प्रांगण में आत्मा योजना के तहत दो दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन अपर समाहर्ता उपेंद्र पंडित, जिला कृषि पदाधिकारी रामईश्वर प्रसाद, उद्यान के सहायक निदेशक सोनू कुमार, भूमि सरंक्षण के उप निदेशक रवि कुमार, सहायक निदेशक रौकी रावत, पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक सहायक निदेशक रसायन दीपक कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अजीत पासवान, संतोष कुमार, दाउदनगर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार, सिरिसर कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अनूप चौबे द्वारा किया गया. किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी में विभिन्न प्रखंड से आये किसानों द्वारा कृषि प्रदर्शनी लगायी गयी. ओबरा के किसान ठाकुर दयाल सिंह ने अमरूद, दिनेश कुमार ने कद्दु, करैला, तेलहारा बिगहा के मनीष कुमार ने चुकंदर, तेलहारा के राजीव कुमार ने गाजर, टमाटर, यशवंत कुमार ने निंबू, गोह दधपी के विनय कुमार ने फूलगोभी, मुली, शारदा कुमारी ने कद्दू, बैगन, टमाटर, कदियाही के ब्रजेश कुमार ने सोंठ, लहसून, चुकंदर, अंजीर, आम एवं पुष्प, बेरी निवासी सत्यनारायण सिंह ने शिमला मिर्च, करैला, दधपी निवासी रेखा कुमारी ने पपीता, शलजम, ब्रौकली, गाजर, चावल आदि के साथ जैविक खेती जैसे सब्जी, फल एवं फूल की प्रदर्शनी लगायी. इस दौरान कृषि वैज्ञानिक द्वारा गरमा मौसम में उगाई जाने वाली फसलों की वैज्ञानिक खेती किसान कैसे करें, ताकि फसलों की उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ायी जा सके, के बारे में बताया गया. अपर समाहर्त्ता ने बताया कि परंपरागत कृषि के अतिरिक्त नई तकनीक आधारित विशेष फसलों पर जैसे सरसो, मक्का, स्ट्राबेरी, पपीता आदि की खेती करने जोर दिया.

योजनाओं से कराया गया अवगत

कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे गरमा बीज वितरण, गरमा अनुदान प्रत्यक्षण, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान एवं अन्य योजनाओं के बारे में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा विस्तृत रूप से बताया गया. पौधा संरक्षक के सहायक निदेशक ने रबी एवं गरमा फसलों में लगने वाले किट व्याधी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई एवं पौधा संरक्षण विभाग से संचालित होने वाली योजनाओं जैसे ड्रोन, खेती बाड़ी कृषि क्लिनिक के बारे में जानकारी दी. बताया गया कि किसान मिट्टी की जांच अवश्य करायें. जांच के अनुरूप ही अपने खेत में उर्वरक का उपयोग करें, तकि मिट्टी की उर्वरा शक्ति कायम रहे.

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