Aurangabad News: रोजगार सेवक के साथ मारपीट, प्राथमिकी दर्ज

Aurangabad News: घटना के बाद रोजगार सेवक संघ ने जताया रोष

रफीगंज.

गोरडिहा गांव में गोरडिहा पंचायत के रोजगार सेवक शत्रुजीत पांडेय के साथ मारपीट होने का मामला प्रकाश में आया है. घटना शुक्रवार की शाम की है. रोजगार सेवक द्वारा घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है, जिसमें कहा गया है कि जब वे आवास सर्वे का काम कर रहे थे, उसी दौरान गोरडिहा गांव के दीपक पासवान बुलाने आये और कहा कि लालमोहन यादव मेरे घर पर बुला रहे हैं. जब सूचक वहां पहुंचे तो लालमोहन यादव, बिंदेश्वर यादव उर्फ कर्मचारी यादव, रंजीत शाह, मो साजिद, उपेंद्र यादव ने पकड़ लिया और गाली-गलौज करने लगे. प्राथमिकी में आरोपितों पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है. प्राथमिकी में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि पैक्स अध्यक्ष लालमोहन यादव के इशारे पर आरोपितों द्वारा मारपीट किया गया. थानाध्यक्ष ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस द्वारा अग्रिम कार्रवाई की जा रही है. वहीं दूसरी ओर रोजगार सेवक संघ के सदस्यों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अगर आरोपितों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती है तो आने वाले समय में वे लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल चले जायेंगे. मुखिया विजय कुमार सिंह ने बताया कि उनके पंचायत में असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल को खराब कर दिया गया है. इससे पहले वाले रोजगार सेवक अविनाश कुमार भी काम छोड़कर भाग गये हैं. पूरे बिहार में 10 जनवरी से काम चल रहा है. उनके पंचायत में 34 दिन विलंब से कार्य शुरू हुआ है. मुखिया की छवि खराब करने की कोशिश कुछ लोगों द्वारा की जा रही है. पंचायत रोजगार सेवक संघ के जिला उपाध्यक्ष सुबोध कुमार व मुकेश ने बताया कि अगर इस तरह से पंचायत रोजगार सेवकों के साथ मारपीट होती रहेगी, तो सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं में बाधा उत्पन्न होगी. उन लोगों ने डीएम एवं डीडीसी से मिलकर आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी की है. अधिकारियों द्वारा आश्वासन भी दिया गया है. मौके पर पंचायत रोजगार सेवक शेखर कुमार, पुष्पांजय कुमार, राम केतु कुमार सिंह, जयशंकर शर्मा, राजकुमार चौधरी, मुकेश कुमार, धनंजय कुमार, संजय कुमार, ओम प्रकाश कुमार, वीरेंद्र कुमार, संतोष कुमार, अनिल कुमार, सुबोध कुमार आदि उपस्थित थे. वहीं, इस संबंध में गोरडीहा पैक्स अध्यक्ष लालमोहन यादव ने बताया कि रात लगभग आठ बजे रोजगार सेवक गांव में थे और कार्ड बनाने के नाम पर जनता से कथित तौर पर उगाही कर रहे थे. उन्होंने रोजगार सेवक के विरुद्ध जांच की मांग पदाधिकारियों से करते हुए सवाल उठाया कि रात में गांव में जनता से मिलने का क्या मतलब है. उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीति से प्रेरित होकर फंसाया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >