डेढ़ साल बाद फिर सशक्त स्थायी समिति में लौटे डॉ. केदारनाथ सिंह, परवीन कौसर ने बचाई कुर्सी, जयगोविंद बने नया चेहरा

Aurangabad News: डेढ़ साल बाद फिर सशक्त स्थायी समिति में लौटे डॉ. केदारनाथ सिंह, परवीन कौसर ने बचाई कुर्सी, जयगोविंद बने नया चेहरा

Aurangabad News: (ओम प्रकाश) औरंगाबाद नगर परिषद दाउदनगर की सशक्त स्थायी समिति के तीन रिक्त पदों के लिए रविवार को अनुमंडल कार्यालय स्थित एसडीओ कक्ष में चुनाव शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी माहौल में संपन्न हुआ। चुनाव में डेढ़ वर्ष पूर्व समिति सदस्य पद से इस्तीफा दे चुके वार्ड पार्षद डॉ. केदारनाथ सिंह ने शानदार वापसी करते हुए दोबारा जीत दर्ज की। वहीं निवर्तमान सदस्य परवीन कौसर अपनी सीट बचाने में सफल रहीं, जबकि वार्ड पार्षद जयगोविंद प्रसाद पहली बार सशक्त स्थायी समिति के सदस्य निर्वाचित हुए।

एसडीओ की देखरेख में संपन्न हुई चुनाव प्रक्रिया

निर्वाची पदाधिकारी सह एसडीओ अमित राजन की निगरानी में पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई गई। उनके सहयोग में सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ मो. जफर इमाम, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सतीश राम, प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी प्रकाश कुमार तथा अवर निर्वाचन पदाधिकारी मनोज कुमार मौजूद रहे.

सुबह सभी 27 वार्ड पार्षदों की जांच के बाद उन्हें निर्वाचन कक्ष में प्रवेश कराया गया। मतदान से पूर्व एसडीओ ने सभी पार्षदों को चुनाव प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद नामांकन, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी की गई.

तीनों पदों पर हुआ रोचक मुकाबला

सशक्त स्थायी समिति के तीन पदों के लिए तीन-तीन प्रत्याशी मैदान में थे। मतगणना के बाद सदस्य-1 पद पर डॉ. केदारनाथ सिंह को 13 मत प्राप्त हुए और वे निर्वाचित घोषित किए गए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसंत कुमार को नौ तथा निवर्तमान सदस्य भूपेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ चिंटू मिश्रा को पांच मत मिले.

सदस्य-2 पद पर निवर्तमान सदस्य परवीन कौसर ने 12 मत हासिल कर अपनी कुर्सी बरकरार रखी। इस मुकाबले में संगीता देवी को नौ और राधा रमण पुरी को छह मत प्राप्त हुए.

सदस्य-3 पद पर जयगोविंद प्रसाद ने 12 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी एहसान अहमद को 11 तथा सीमन कुमारी को चार मत मिले.

प्रमाण पत्र वितरण और दिलाई गई शपथ

परिणाम घोषित होने के बाद एसडीओ अमित राजन ने सभी निर्वाचित सदस्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किया तथा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. चुनाव के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे.

वार्ड पार्षदों के विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प

जीत के बाद डॉ. केदारनाथ सिंह ने कहा कि वार्ड पार्षदों ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वे सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त स्थायी समिति शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

उन्होंने बताया कि भखरुआं मोड़ को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल कराने के लिए सकारात्मक पहल की जाएगी तथा जिउतिया पर्व को राजकीय दर्जा दिलाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने स्वयं पद से इस्तीफा दिया था और अब पार्षदों के समर्थन से दोबारा समिति में लौटे हैं.

फूल-मालाओं से हुआ स्वागत, मुख्य पार्षद ने दी बधाई

निर्वाचित सदस्य जैसे ही निर्वाचन कक्ष से बाहर निकले, समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया. इस अवसर पर नगर परिषद की मुख्य पार्षद अंजलि कुमारी ने भी सभी विजयी सदस्यों को बधाई दी.

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सशक्त स्थायी समिति के तीनों नवनिर्वाचित सदस्य उनके साथ मिलकर शहर के सर्वांगीण विकास को नई गति देने का कार्य करेंगे.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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