देव से रविकांत पाठक की रिपोर्ट
Aurangabad News : औरंगाबाद जिले के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर में रविवार को पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति चंद्रशेखर झा पहुंचे और भगवान के चरणों में मत्था टेका. उनके साथ औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार, एडीजे वन विश्व विभूति गुप्ता और एडीजे टू अनंदिता सिंह भी मौजूद रहे. सभी न्यायिक पदाधिकारियों ने विधि-विधान से सूर्य मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की. इस दौरान उन्होंने राज्य और समाज की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की.
न्यायमूर्ति को भेंट किया गया बालू से निर्मित सूर्य मंदिर का स्मृति चिह्न
मंदिर परिसर में आगमन पर सूर्य मंदिर न्यास समिति के सदस्यों एवं प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार, एडीजे वन विश्व विभूति गुप्ता और एडीजे टू अनंदिता सिंह ने न्यायमूर्ति चंद्रशेखर झा का स्वागत किया. इस अवसर पर उन्हें बालू से निर्मित सूर्य मंदिर का एक सुंदर स्मृति चिह्न (प्रतीक चिह्न) भेंट किया गया. पूजा के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा और सभी ने भगवान सूर्य के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया.
प्रधान पुजारी ने दी मंदिर के गौरवशाली इतिहास और महत्ता की जानकारी
न्यायमूर्ति चंद्रशेखर झा ने देव सूर्य मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता की जमकर सराहना की. पूजा के दौरान मंदिर के प्रधान पुजारी ने न्यायमूर्ति को इस ऐतिहासिक मंदिर की विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भगवान सूर्य का यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां देश के दूर-दूर के कोनों से श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए आते हैं. मान्यता है कि भगवान सूर्य के इस दरबार से कोई भी याचक खाली हाथ नहीं जाता है.
VIP और अधिकारियों की आस्था का बड़ा केंद्र है देव सूर्य मंदिर
ज्ञात हो कि भगवान सूर्य के दर्शन और पूजन के लिए देव सूर्य मंदिर में न्यायिक पदाधिकारियों का अक्सर आगमन होता रहता है. न केवल न्यायिक सेवा से जुड़े लोग, बल्कि सरकार के बड़े प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी भगवान के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं. रविवार को हुई इस विशेष पूजा को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे.
