Aurangabad News : खादों की कालाबाजारी व मुनाफाखोरी पर कसेगा शिकंजा

Aurangabad News: कृषि टास्क फोर्स की हुई बैठक, खरीफ मौसम में उर्वरकों की कालाबाजारी की मिलती है शिकायतें

औरंगाबाद शहर. जिले में 1.72 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होगी. इसके लिए 17200 हेक्टेयर भूमि में बिचड़ा तैयार किया जायेगा. खरीफ मौसम शुरू होते ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों से उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी या मुनाफाखोरी के मामले सामने आने लगते हैं. ऐसे में इसकी कड़ी निगरानी करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया है. शनिवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गयी. बैठक का उद्देश्य खरीफ मौसम को लेकर कृषि विभाग एवं इससे संबंधित अन्य विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समग्र समीक्षा करना था. जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि इस वर्ष जिले में कुल एक लाख 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए 17200 हेक्टेयर भूमि में बिचड़ा तैयार किया जाना है. अब तक जिले में 4946 हेक्टेयर भूमि पर किसानों द्वारा बिचड़ा तैयार किया गया है, जो कुल लक्ष्य का 17.13 प्रतिशत है. यह कार्य तेजी से प्रगति पर है और मौसम अनुकूल होने के कारण किसानों को इस कार्य में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो रही है.

41.04 प्रतिशत बीज का अब तक वितरण

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले को धान, मक्का, अरहर सहित विभिन्न फसलों के लिए कुल 1677 क्विंटल बीज प्राप्त हुआ है. इनमें से अब तक 688.24 क्विंटल बीज का वितरण किसानों के बीच किया गया है, जो कि कुल प्राप्त बीज का लगभग 41.04 प्रतिशत है. शेष बीज का वितरण भी विभागीय निर्देशानुसार तीव्र गति से किया जा रहा है ताकि किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराया जा सके. बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि खरीफ मौसम में किसानों को किसी भी स्थिति में उर्वरकों की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि उर्वरक विक्रेताओं की नियमित रूप से निगरानी की जाए ताकि कालाबाजारी, जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी जैसी गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण रखा जा सके. जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसानों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाये.

योजनाओं का व्यापक रूप से करें प्रचार-प्रसार

जिलाधिकारी ने पशुपालन, गव्य विकास, मत्स्य पालन, उद्यान, सिंचाई सहित अन्य विभागों के पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, जिससे वास्तविक किसानों तक योजनाओं की सही जानकारी समय पर पहुंच सके और वे लाभान्वित हो सकें. उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ किया जाये. बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभागीय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य निष्पादन को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करें और लगातार प्रगति की समीक्षा करते रहें. खरीफ मौसम की तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये व किसानों को यथासंभव हर स्तर पर सहायता प्रदान की जाये. बैठक में उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी रामईश्वर प्रसाद सिंह, लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ श्याम किशोर, जिला मत्स्य पदाधिकारी राजेश कुमार पंडित सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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