औरंगाबाद से सुजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट:
Aurangabad News : बिहार के औरंगाबाद जिले के बंदेया थाना क्षेत्र में माओवादी संगठन के नाम पर धमकी भरा पत्र देकर लेवी (रंगदारी) मांगने और तालाब खुदाई का कार्य बाधित करने के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. औरंगाबाद जिला पुलिस एवं एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपी की निशानदेही पर एक देसी कार्बाइन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में विधि-सम्मत कार्रवाई तेजी से जारी है.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 26 मई 2025 को बंदेया थाना क्षेत्र के चपरा गांव में तालाब खुदाई कार्य के दौरान अज्ञात अपराधियों और नक्सलियों द्वारा कार्य करा रहे लोगों को धमकी भरा पत्र देकर लेवी की मांग की गई थी. इस संबंध में बंदेया थाना कांड संख्या 53/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. इसके बाद 27 मई 2026 की रात करीब एक बजे चपरा गांव में तालाब खुदाई कर रहे कर्मियों ने दोबारा सूचना दी कि कुछ अज्ञात अपराधियों और नक्सलियों ने काम बंद कराने तथा सामान जला देने की धमकी दी है.
छह अभियुक्त पहले ही जा चुके हैं जेल, सातवें ने किया था सरेंडर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लगातार अपनी कार्रवाई जारी रखी. जांच के क्रम में 30 मई 2026 को पुलिस ने इस कांड में संलिप्त छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. वहीं, अवैध हथियार बरामदगी को लेकर बंदेया थाना कांड संख्या 57/26 भी दर्ज किया गया था. पुलिस की दबिश लगातार बढ़ने के बाद कांड संख्या 57/26 का अप्राथमिकी अभियुक्त मंटू पासवान ने डर से न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था. इसके बाद औरंगाबाद पुलिस ने 12 जून 2026 को न्यायालय से विधिवत अनुमति प्राप्त कर उसे 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया और सघन पूछताछ की.
आरोपी के घर हुई छापेमारी में मिला जखीरा
पूछताछ के दौरान आरोपी मंटू पासवान ने अपना अपराध स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर ग्राम मायापुर स्थित उसके पैतृक घर में अचानक छापेमारी की गई. इस कार्रवाई में औरंगाबाद पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसके घर से एक देसी कार्बाइन तथा चार जिंदा कारतूस बरामद किया. पुलिस ने बरामद किए गए सभी हथियारों को तुरंत जब्त कर लिया है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब्त हथियार के स्रोत (सोर्स) और पूर्व में इसके उपयोग के संबंध में गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों ने साफ किया कि मामले में पूर्व में ही छह आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अब मुख्य आरोपी की निशानदेही पर हथियार बरामद होने के बाद इस पूरे नेटवर्क की जांच को और गति मिलेगी. फिलहाल पुलिस माओवादी गतिविधियों से जुड़े अन्य संभावित संदिग्धों और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
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