Aurangabad News : औरंगाबाद सिविल कोर्ट में करीब 26 साल पुराने हत्या के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने एसटीआर-206/01, मुफ्फसिल थाना कांड संख्या-452/2000 में सुनवाई करते हुए बेला निवासी मुख्य अभियुक्त नवलाख यादव को हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया है. वहीं, इस मामले के तीन अन्य अभियुक्तों महेंद्र यादव, योगेंद्र यादव और लालदेव यादव को साक्ष्य के अभाव में पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया गया है.
9 जुलाई को सुनाई जाएगी सजा
सरकारी वकील अजय कुमार ने बताया कि कोर्ट ने नवलाख यादव को मर्डर (IPC की धारा 302) और आर्म्स एक्ट का दोषी माना है. अब दोषी को क्या सजा मिलेगी, इस पर फैसला आने वाली 9 जुलाई को सुनाया जाएगा.
खेत में पानी पटाने के दौरान मारी गई थी गोली
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि इस मामले में बेला निवासी वादी विशुनदेव यादव ने 29 अक्तूबर 2000 को मुफ्फसिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी के अनुसार, उनका छोटा भाई बबन यादव रात करीब नौ बजे खेत में पानी पटा रहा था. इसी दौरान नवलाख यादव ने अन्य अभियुक्तों की मौजूदगी में उसे गोली मार दी थी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी.
ढाई दशक बाद आया फैसला
करीब ढाई दशक तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब सभी की नजरें नौ जुलाई को होने वाली सजा की सुनवाई पर टिकी हुई हैं.
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