Aurangabad News : एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर अंबा में लगा शिविर

Aurangabad News : किसानों ने अधिकारियों के समक्ष रखी अपनी समस्याएं

कुटुंबा.

आपकी समस्या का हर संभव निदान करने का प्रयास किया जायेगा. इसके लिए प्रखंड स्तर पर लगातार शिविर का आयोजन किया जा रहा है. ये बातें एडीएम ललित भूषण रंजन ने कही. वे सोमवार को कुटुंबा प्रखंड परिसर स्थित बहुउद्देशीय भवन में किसानों की समस्या सुन रहे थे. प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बहुउद्देशीय भवन में आयोजित विशेष शिविर में एडीएम के साथ भूअर्जन पदाधिकारी सच्चिदानंद सुमन सीओ चंद्रप्रकाश व एनएचआइ के अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने किसानों से बताया कि जिनके नाम पर भूमि है जो रैयत किसान हैं उन्हें ही मुआवजा दिया जायेगा. अगर किसी अन्य भूमि पर किसान का कब्जा है और कागजात नहीं है, तो मुआवजे की राशि उन्हें नहीं मिलेगी. उन्होंने सभी किसानों को भूमि स्वामित्व पत्र देने को कहा. वहीं किसानों ने भी अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा. किसानों ने कहा कि जमीन का वर्तमान बाजार भाव और सरकार द्वारा निर्धारित भाव में जमीन -आसमान का अंतर है. किसान संघर्ष समिति के वीरेंद्र पांडेय ने कहा कि सरकार किसानों की जमीन को औने पौने में हड़पना चाहती है. पहले तो मुआवजा के निर्धारण में किसानों की अनदेखी की गई है. आवासीय भूमि को भी धनहर घोषित कर दिया गया है. वहीं, मुआवजा का दर भी काफी कम है. अब किसानों को कागजात के नाम पर परेशान किया जा रहा है. किसानों के पास कई ऐसे जमीन है जो किसी दूसरे किसान से बदलेन किया हुआ है. उक्त भूमि का कोई भी कागजात किसान के पास नहीं है. ऐसे में उन्होंने कहा कि सरकार 2013 में हुए भूमि अधिग्रहण कानून में सुधार हो जाने के बावजूद उसके आधार पर भूमि अधिग्रहण नहीं हो रहा है जो हम सब के साथ सरासर अन्याय है.

कैम्प में उपस्थित किसान राज कुमार सिंह ने अधिकारियों से कई तरह का सवाल किया. शिविर में विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों ने कागजात तैयार करने में आ रही समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया तथा इसके लिये भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारियों को दोषी बताया. शिविर में विभिन्न हल्का राजस्व कर्मचारी के अलावा किसान कपिलदेव सिंह, उमाकांत सिंह, अनिल सिंह, वशिष्ट प्रसाद सिंह, दया सिंह, धर्मेंद्र सिंह, ओमकार सिंह, राजेन्द्र सिन, सुमंत सिंह, जगत सिंह समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे. विदित हो कि लैंड कंप्यूटराइजेशन के दौरान कर्मियों ने भारी गड़बड़ी की है. इसका खमियाजा किसान भुगत रहे है. वही राजस्व कर्मचारी और एलआरसी के कर्मियों के साथ बिचौलिये के चलते किसानों का कागजात दुरूस्त नहीं हो रहा है.

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