Aurangabad News: (सौरभ कुमार सिंह) औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड की हरिहर उरदाना ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत संचालित विभिन्न विकास कार्यों में व्यापक भ्रष्टाचार और अनियमितता का मामला सामने आया है. पंचायत के लउवाबार गांव निवासी सोनू कुमार सिंह ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष परिवाद दायर कर मनरेगा योजनाओं में बड़े पैमाने पर धांधली किए जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने पंचायत में संचालित विभिन्न योजनाओं की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.
हाई स्कूल सिकरिया के खेल मैदान निर्माण पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि हाई स्कूल सिकरिया में मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे खेल मैदान निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी की जा रही है. उनके अनुसार कार्यस्थल पर फर्जी श्रमिकों के नाम पर हाजिरी बनाई जा रही है, जबकि वास्तविक मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों के स्थान पर जेसीबी मशीन से कार्य कराया जा रहा है. साथ ही मिट्टी कटाव और निर्माण कार्यों से संबंधित भ्रामक रिपोर्ट तैयार कर सरकारी राशि की निकासी की जा रही है. शिकायत में फर्जी हस्ताक्षर और उपस्थिति दर्ज कर वित्तीय अनियमितता किए जाने का भी आरोप लगाया गया है.
पंचायत की कई योजनाएं संदेह के घेरे में
परिवाद में पंचायत की कई अन्य योजनाओं को भी संदेह के घेरे में रखा गया है. शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम बिजकुरवा में आहर बांध मरम्मत कार्य, मनोहरी में इमलिया आहर बांध मरम्मत, मिश्र तेंदुआ में आहर-बांध मरम्मत, पिछोलिया में करहा उड़ाही कार्य, बलथर में गुलाबडीह आहर मरम्मत, झरी में खैरियत आहर मरम्मत तथा झरी में बरहम स्थान से कुमार सिंह के खेत तक फेबर ब्लॉक निर्माण कार्य में भी गड़बड़ियों की आशंका है.
आरोप है कि इन योजनाओं में फर्जी हाजिरी बनाकर राशि की निकासी की जा रही है और कार्यों की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है.
धरातल पर कार्य नहीं दिखने का दावा
सोनू कुमार सिंह का कहना है कि पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित अधिकांश योजनाओं में कागजों पर कार्य दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर अपेक्षित कार्य नजर नहीं आता. उन्होंने आरोप लगाया कि वृक्षारोपण समेत कई योजनाओं में भी अनियमितता बरती गई है और सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है.
उनका कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
पूर्व में दिए गए थे कई आवेदन
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला कोषागार परिचालन पदाधिकारी समेत कई अधिकारियों को आवेदन दिया था. हालांकि अब तक हुई जांच में केवल खानापूर्ति किए जाने का आरोप लगाया गया है.
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और प्रभावी जांच नहीं होने से दोषियों का मनोबल बढ़ रहा है और अनियमितताएं लगातार जारी हैं.
अधिकारियों की मिलीभगत का भी आरोप
परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंचायत में चल रहे मनरेगा कार्यों में अनियमितताओं के पीछे प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कुछ संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है. शिकायतकर्ता ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा सरकारी राशि की संभावित क्षति की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की है.
अब इस शिकायत पर प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर पंचायतवासियों और क्षेत्र के लोगों की नजर टिकी हुई है.
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