बाढ़-सुखाड़ और लू से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट, प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

Aurangabad News: औरंगाबाद में बाढ़, सुखाड़ और हीट वेव से निपटने की तैयारियों को लेकर प्रभारी सचिव ने समीक्षा बैठक की. अधिकारियों को राहत, बचाव, स्वास्थ्य और जल निकासी से जुड़े सभी जरूरी कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए.

Aurangabad News (सुधीर कुमार सिन्हा की रिपोर्ट): पंचायती राज विभाग के सचिव सह प्रभारी सचिव मनोज कुमार की अध्यक्षता तथा जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की उपस्थिति में जिला अतिथि गृह में संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं लू के मद्देनजर पूर्व तैयारियों की समीक्षा हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक के दौरान प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को आपदा की किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने तथा जनहित में सभी आवश्यक एवं एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया.

अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) ने बताया कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 गुना 7 कार्यरत है. जिले में वर्तमान में 1,429 पॉलीथीन शीट्स उपलब्ध हैं तथा अतिरिक्त आवश्यकता की पूर्ति हेतु गया जिले से 1,200 पॉलीथीन शीट्स की मांग की गई है. बाढ़ राहत शिविरों के संचालन हेतु 86 ऊंचे स्थलों का चयन किया गया है तथा 11 निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा निष्पादित किया गया है.

मुख्य अभियंता के निर्देश में कराया जा रहा मरम्मत कार्य

सांख्यिकी एवं जल संसाधन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जिले के सभी प्रखंडों में वर्षामापक एवं ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन यंत्र क्रियाशील हैं. सोन नदी के तटबंधों की मरम्मत एवं बाढ़ सुरक्षा कार्य मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन परिक्षेत्र, डिहरी के निर्देशन में कराया जा रहा है. प्रभारी सचिव ने सभी सिंचाई प्रणालियों को पूर्णतः सक्रिय रखने तथा तटबंधों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

सुखाड़ की संभावित स्थिति के मद्देनजर लघु सिंचाई विभाग द्वारा जिले में कुल 1,556 योजनाएं, जिनमें आहर-पैन, तालाब, चेकडैम एवं नलकूप शामिल हैं, क्रियाशील रखी गई हैं. कृषि विभाग द्वारा मानसून में विलंब अथवा कम वर्षा की स्थिति में मक्का, मडुआ, अरहर एवं धान की विशेष किस्मों जैसी वैकल्पिक फसलों का प्रस्ताव तैयार कर कृषि निदेशालय को भेजा गया है. साथ ही अनावृष्टि की स्थिति में बिचड़ों की सुरक्षा हेतु नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी

स्वास्थ्य विभाग द्वारा संभावित महामारी की रोकथाम हेतु 364 प्रकार की दवाओं एवं आवश्यक चिकित्सा सामग्रियों का भंडारण किया गया है. सदर अस्पताल में सर्पदंश एवं कुत्ता काटने की दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. लू प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु जिले में हीट वेव डेडिकेटेड वार्ड स्थापित किया गया है, जिसमें 99 बेड, 20 एयर कंडीशनर एवं 15 कूलर की व्यवस्था की गई है.

पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के लिए 33 राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं, 12 कैटल ट्रफ संचालित हैं तथा चलंत पशु चिकित्सा दल का गठन किया गया है. भीषण गर्मी के प्रभाव को देखते हुए श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कार्य समय को लचीला बनाने का निर्णय लिया गया है. लू की स्थिति में कार्य अवधि प्रातः छह बजे से 11 बजे तक तथा अपराह्न 3.30 बजे से 6.30 बजे तक निर्धारित की गई है. साथ ही सभी कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक परिवहन वाहनों में पेयजल, ओआरएस एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

पाइपलाइन के जरिये हो रही जलापूर्ति

नगर निकायों एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा अत्यधिक जल संकट वाले वार्डों में 26 डीप बोरिंग के माध्यम से पाइपलाइन द्वारा जलापूर्ति की जा रही है. औरंगाबाद, दाउदनगर, बारूण, देव एवं रफीगंज नगर निकाय क्षेत्रों में टैंकर, वाटर एटीएम एवं स्टैंड पोस्ट के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है तथा प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई है. साथ ही सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को अत्यधिक वर्षा की स्थिति में जल निकासी सुचारु रखने हेतु पुल-पुलियों की सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

विद्युत विभाग को तेज हवा के दौरान ढीले तारों के कारण संभावित आगलगी की घटनाओं की रोकथाम हेतु आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र करने एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने का निर्देश दिया गया. वन विभाग को अभ्यारण्यों एवं उद्यानों में वन्यजीवों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराने, जल संरक्षण हेतु गड्ढों का निर्माण करने तथा पिंजरों को शीतल बनाए रखने के निर्देश दिए गए.

मॉक ड्रिल से करें लोगों को जागरूक

जिला अग्निशमन पदाधिकारी को आगलगी की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर नियमित अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया गया. जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी को विभिन्न के माध्यम से लू, बाढ़, सुखाड़, पराली दहन एवं आगलगी से बचाव संबंधी जनजागरूकता अभियान व्यापक स्तर पर संचालित करने का निर्देश दिया गया.

बैठक के अंत में प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने तथा आमजन की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. बैठक में पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल, उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) उपेंद्र पंडित, सिविल सर्जन कृष्ण कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेकार अहमद सहित जिले के सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Published by: Vikas Jha

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