Aurangabad News (मनीष राज) : हसपुरा उच्च विद्यालय हसपुरा के लिपिक अंबुज कुमार पर स्थानीय ग्रामीणों ने छात्रों के साथ अमर्यादित व्यवहार करने, विद्यालय से जारी प्रमाण पत्रों के लिए बिना पावती रसीद के मनमाने शुल्क वसूलने तथा विद्यालय में गुटबाजी कर शैक्षणिक माहौल खराब करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. इसकी शिकायत स्थानीय गोह विधायक अमरेंद्र कुशवाहा से भी की गई थी. विधायक ने दिशा की बैठक में ग्रामीणों की शिकायत को उठाया था.
मनमानी शुल्क वसूली के आरोप में हाई स्कूल के लिपिक पर गिरी गाज
इसके आलोक में जिला शिक्षा विभाग कार्यालय ने लिपिक से स्पष्टीकरण मांगते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है. विभाग की इस कार्रवाई के बाद हसपुरा उच्च विद्यालय में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं ग्रामीणों और विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने लिपिक के विरुद्ध कई गंभीर आरोप लगाए हैं. विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि माननीय विधायक, गोह द्वारा दिशा की बैठक में ग्रामीण जनता के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है. शिकायत में उल्लेख किया गया है कि अंबुज कुमार कई वर्षों से हसपुरा उच्च विद्यालय में पदस्थापित हैं. आरोप है कि वे नामांकन के नाम पर विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलते हैं तथा तत्काल पावती रसीद नहीं देते हैं.
अभद्र व्यवहार और गुटबाजी बढ़ाने के गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने स्थानांतरण की मांग की
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अंक प्रमाण पत्र, मूल प्रमाण पत्र एवं विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र देने के एवज में 200 से 300 रुपये तक की वसूली की जाती है. रकम नहीं देने पर छात्रों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाता है तथा कार्यालय में अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे विद्यालय का माहौल दिन-प्रतिदिन खराब होता जा रहा है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि विद्यालय में कई वर्षों से जमे रहने के कारण लिपिक गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लिपिक विद्यालय में अनियमित रूप से आते-जाते हैं तथा अपनी पहुंच और दबंगई का धौंस दिखाकर विद्यालय का वातावरण खराब कर रहे हैं. ग्रामीणों ने लिपिक के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई करते हुए उनका अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि स्थानांतरण नहीं किया गया तो विद्यालय में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के साथ गलत इशारे, अभद्रता एवं अमर्यादित हरकतें की जाती हैं, जिसके कारण अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में असहज महसूस कर रहे हैं.
विभाग ने लिपिक से मांगा स्पष्टीकरण, ग्रामीणों ने आंदोलन और स्कूल बहिष्कार की दी चेतावनी
इधर, शिक्षा विभाग ने ग्रामीणों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा तथा लिपिक के हटाए जाने तक अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे.
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