औरंगाबाद में बच्चों की पढ़ाई के लिए किताब लेने निकले पिता की सड़क हादसे में मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Aurangabad News: औरंगाबाद के हसपुरा में बच्चों की पढ़ाई के लिए किताब लेने निकले धर्मजीत साव की एनएच-120 पर हाइवा की चपेट में आने से मौत हो गई. दो छोटे बच्चों के पिता की असमय मौत से परिवार शोक में डूब गया.

Aurangabad News: (सुजीत सिंह) बच्चों की पढ़ाई के लिए किताब खरीदने निकले एक पिता की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. घटना औरंगाबाद जिले के एनएच-120 पर बिहटा गांव के समीप हुई, जहां हाइवा की चपेट में आने से गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र अंतर्गत परधान गांव निवासी धर्मजीत साव उर्फ कल्लू की जान चली गई.

ससुराल से लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार धर्मजीत साव शनिवार की सुबह अपने बच्चों के लिए किताब लेने हसपुरा प्रखंड के चनहट गांव स्थित ससुराल आए थे. किताब लेने के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान बिहटा गांव के पास एक हाइवा की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क पर गिर पड़े.

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी. पुलिस ने घायल को तत्काल हसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

दो छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

मृतक के साले अमिताभ कुमार ने बताया कि धर्मजीत की शादी वर्ष 2016 में शारदा देवी के साथ हुई थी. उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा आर्यन (7 वर्ष) और छोटा बेटा शुभम (4 वर्ष) है. धर्मजीत गांव में गोलगप्पा बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी असामयिक मौत से पत्नी और बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया. हादसे के बाद गांव और ससुराल पक्ष में शोक का माहौल है. परिजनों के सामने अब बच्चों के पालन-पोषण और उनके भविष्य की चिंता सबसे बड़ी चुनौती बन गई है.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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