औरंगाबाद : ओबरा में पारंपरिक अंदाज में मनाया गया मुहर्रम, ताजिया के साथ गांवों में निकला जुलूस

Aurangabad Muharram News : औरंगाबाद के ओबरा इलाके में मुहर्रम का त्योहार पूरी शांति और भाईचारे के साथ मनाया गया. कड़ी सुरक्षा के बीच करबला में ताजिया विसर्जित (पहलाम) किया गया.

Aurangabad Muharram News : इलाके में ताजिया को करबला ले जाने से पहले, सुबह-सुबह अलग-अलग गांवों में ताजिया को घुमाया गया. सुबह से ही सभी अखाड़ों और कमेटियों के मुखिया (खलीफा) अपने-अपने ग्रुप के साथ तय रास्तों से जुलूस निकालते हुए गांवों में घूमते नजर आए.

इन गांवों में विशेष उत्साह

प्रखंड मुख्यालय ओबरा सहित बभनडीहा, कारा, मनोरा, बारा, ऊब, भरुब, झुकुलाही, हरिना समेत कई गांवों में मुहर्रम को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला. भ्रमण के दौरान अखाड़ों द्वारा पारंपरिक करतबों का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.

करबला में हुआ ताजिया पहलाम

शाम को निर्धारित समय के अनुसार सभी ताजिया करबला के लिए रवाना हुए, जहां धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार ताजिया का पहलाम किया गया. इस दौरान खलीफा मंसूर अब्बासी, शाहनवाज कुरैशी एवं मो जुनेद अपने-अपने गोल का नेतृत्व कुशलतापूर्वक करते नजर आए.

चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस मुस्तैद

मुहर्रम पर्व को लेकर ओबरा थानाध्यक्ष नीतीश कुमार के नेतृत्व में पूरे क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर विधि-व्यवस्था पर नजर बनाए रहे.

सामाजिक सद्भाव का प्रतीक पर्व

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंधों के बीच पूरा आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि मुहर्रम केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि त्याग, बलिदान, आपसी भाईचारे, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव का भी एक बड़ा प्रतीक है.

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By Brajesh divedi

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