औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड कार्यालय सभागार में शुक्रवार को प्रखंड स्तरीय बैंकर्स समिति (बीएलबीसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) नंद किशोर प्रसाद चौधरी ने की.
बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, जीविका के बीपीएम, सीएफएल ग्वाधार के प्रतिनिधि तथा आरसेटी के निदेशक मुख्य रूप से मौजूद रहे. बैठक के दौरान एलडीएम ने वार्षिक ऋण योजना 2026-27 के तहत अब तक हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की.
ऋण वितरण और सीडी रेशियो की समीक्षा
बैठक में जानकारी दी गई कि मदनपुर प्रखंड के लिए वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत कुल 627.05 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पहली तिमाही में 156.76 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 61.35 करोड़ रुपये की उपलब्धि दर्ज की गई है, जिसे लक्ष्य के अनुरूप और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया.
इस दौरान प्रखंड का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) 45.14 प्रतिशत दर्ज किया गया. इसे आगामी सितंबर तिमाही तक बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए गुणवत्तापूर्ण ऋण वितरण पर विशेष जोर देने को कहा गया.
सामाजिक सुरक्षा और स्वरोजगार योजनाओं की चर्चा
बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) के तहत अब तक हुई प्रगति की सराहना की गई. इसके साथ ही, पीएम सूर्य घर योजना, पीएमएफएमई, लखपति दीदी, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और स्वयं सहायता समूह (SHG) सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी बारीकी से समीक्षा की गई.
एलडीएम ने सभी बैंकों के प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे चालू तिमाही में निर्धारित ऋण योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करें.
जागरूकता अभियान और लंबित आवेदनों का निष्पादन
एलडीएम ने कहा कि सरकार की ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं का सीधा लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सभी बैंकरों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने समूहों का क्रेडिट लिंकेज बढ़ाने तथा बैंक शाखा स्तर पर लंबित पड़े ऋण आवेदनों का त्वरित गति से समय पर निष्पादन करने का निर्देश दिया.
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इसके अलावा, बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए ग्राहकों और आम लोगों के बीच साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया. नाबार्ड के डीडीएम ने किसान उत्पादक संगठन, कृषि अवसंरचना, कोल्ड स्टोरेज और गोदाम निर्माण जैसी योजनाओं की जानकारी देते हुए ऋण प्रवाह बढ़ाने की अपील की, जबकि आरसेटी के निदेशक ने प्रशिक्षित युवाओं को पात्रता के अनुसार ऋण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया.
