औरंगाबाद में खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 12 दुकानों की जांच, एक सील, लाइसेंस निलंबित

कृषि विभाग ने औरंगाबाद में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई की है. कुटुंबा प्रखंड में विशेष जांच अभियान चलाकर एक उर्वरक प्रतिष्ठान को सील कर दिया गया और तीन दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. किसानों को उचित मूल्य पर समय से खाद उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है.

अंबा: जिले में खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. किसानों के हितों की रक्षा और समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज के नेतृत्व में कुटुंबा प्रखंड में विशेष जांच अभियान चलाया गया. इस दौरान 12 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें चार दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं.

अनाधिकृत उर्वरक मिलने पर दुकान सील, लाइसेंस निलंबित

जांच के दौरान चिरैयाटांड़ स्थित सरस्वती ट्रेडर्स के गोदाम में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 का उल्लंघन करते हुए अनाधिकृत रूप से उर्वरक का भंडारण पाया गया. इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कृषि विभाग ने प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. साथ ही दुकान का उर्वरक वितरण लाइसेंस निलंबित कर अगले आदेश तक बिक्री पर रोक लगा दी गई.

तीन उर्वरक विक्रेताओं से मांगा गया स्पष्टीकरण

निरीक्षण के दौरान तीन अन्य उर्वरक दुकानों में स्टॉक रजिस्टर, अभिलेख संधारण और आवश्यक दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली. इसके बाद संबंधित दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

किसानों की शिकायत के बाद विभाग ने बढ़ाई सख्ती

पिछले कुछ दिनों से किसानों की ओर से लगातार शिकायत मिल रही थी कि कई दुकानदार खाद का अवैध भंडारण कर कृत्रिम संकट पैदा कर रहे हैं और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूल रहे हैं. इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा था. शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने जिलेभर में निगरानी और औचक निरीक्षण तेज कर दिया है.

पूर्व सांसद ने भी उठाया था खाद का मुद्दा

खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण का मामला पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने भी जिला प्रशासन के समक्ष उठाया था. उन्होंने दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद प्रशासन और कृषि विभाग लगातार विभिन्न प्रखंडों में जांच अभियान चला रहा है.

जिलेभर में जारी रहेगा औचक निरीक्षण

जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर समय से खाद उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूलता है, बिल नहीं देता या खाद की कृत्रिम कमी पैदा करता है, तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके. साथ ही सभी प्रखंड कृषि अधिकारियों को उर्वरक बिक्री पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है.


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