औरंगाबाद में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. नगर थाना की चारदीवारी से सेट इलाके में फुटपाथी दुकानदार संघ के जिलाध्यक्ष शशि सिंह के मकान को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया गया.
नगर परिषद और जिला प्रशासन की संयुक्त मौजूदगी में सरकारी भूमि पर किए गए इस अवैध निर्माण को हटाया गया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट लवकुश कुमार सहित नगर परिषद के कई अधिकारी और पुलिस बल के जवान मौजूद रहे. ध्वस्त किए गए इस मकान में एक मिल्क पार्लर भी संचालित हो रहा था.
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई कार्रवाई
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में सरकारी जमीन पर किए गए निर्माण को हटाया गया है.
उन्होंने बताया कि स्थानीय निवासी चंद्रशेखर कुमार ने इस अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट में वाद दायर किया था. न्यायालय के इसी आदेश के अनुपालन में प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है.
वहीं, वादी चंद्रशेखर कुमार के अनुसार उनके घर के सामने केसर-ए-हिंद की सरकारी जमीन पर शशि सिंह का परिवार लंबे समय से रह रहा था. अतिक्रमण हटाने के लिए उन्होंने पहले अंचल कार्यालय, नगर परिषद और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन दिया था, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा.
मकान टूटने के बाद उठे सवाल और विरोध
मकान तोड़े जाने के बाद शशि सिंह ने इस पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि शहर में कई अन्य स्थानों पर भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है, लेकिन सिर्फ चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मकान के पीछे भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण किया गया है, लेकिन वहां बुलडोजर नहीं चलाया गया. उन्होंने अपने खिलाफ हुई इस कार्रवाई को साजिश करार देते हुए भविष्य में आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
उन्होंने कहा कि घर टूटने से उनके परिवार के सामने रहने का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. दूसरी ओर, भाकपा माले नेता सिनेस राही ने भी इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने दावा किया कि इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से स्थगन आदेश (रोक) था, जिसके बावजूद मकान को तोड़ा गया.
उन्होंने कहा कि यदि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है, तो नियमानुसार और बिना किसी भेदभाव के सभी जगहों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए.
पत्नी के गंभीर आरोप और प्रशासन का पक्ष
कार्रवाई के दौरान शशि सिंह की पत्नी चंचला देवी ने नगर परिषद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर पैसे लेकर कार्रवाई करने तथा विरोधियों के साथ मिलीभगत होने का गंभीर आरोप लगाया. हालांकि, इन आरोपों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है.
स्थानीय लोगों ने भी शहर में अन्य जगहों पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने की बात कही है. लोगों का यह भी कहना था कि कार्रवाई के दौरान नगर थाना की बाउंड्री से सटी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया है.
प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश और सरकारी भूमि से संबंधित आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर ही यह वैधानिक कार्रवाई की गई है.
