Aurangabad News : योजना भवन के सभाकक्ष में बुधवार को आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत जिले की अद्यतन प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव-सह-केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी मनोज कुमार गंगैया, आईआरटीएस ने की. बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी को पौधा भेंट कर स्वागत किया.
पीपीटी के माध्यम से जिले की उपलब्धियों से कराया अवगत
इसके बाद जिलाधिकारी ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के विभिन्न सूचकांकों में जिले की उपलब्धि और प्रगति की जानकारी दी. बैठक में बताया गया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत 81 प्रमुख प्रदर्शन सूचकांकों तथा आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत 40 प्रमुख प्रदर्शन सूचकांकों के माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाओं, आधारभूत संरचना तथा सामाजिक विकास के क्षेत्रों में प्रगति की नियमित निगरानी की जाती है. डेल्टा रैंकिंग के माध्यम से जिलों एवं आकांक्षी प्रखंडों के प्रदर्शन का आकलन किया जाता है.
एएनसी पंजीकरण में 99.34 प्रतिशत उपलब्धि
जुलाई 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रथम त्रैमासिक में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीकरण 99.34 प्रतिशत रहा. गर्भवती महिलाओं के लिए चार या उससे अधिक प्रसवपूर्व जांच की उपलब्धि पिछले वर्ष के आंकड़े के अनुसार 85.07 प्रतिशत दर्ज की गई. संपूर्णता अभियान-2.0 के तहत जिले में जीवित नवजात शिशुओं के जन्म के समय वजन लिए जाने की उपलब्धि 100 प्रतिशत रही. आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा कम से कम एक वीएचएसएनडी एवं यूएचएसएनडी आयोजित किए जाने का प्रतिशत भी 100 रहा. वहीं, विद्यालयों में क्रियाशील बालिका शौचालय की उपलब्धता 100 प्रतिशत दर्ज की गई.
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चार आकांक्षी प्रखंडों के प्रदर्शन की हुई समीक्षा
बैठक में देव, मदनपुर, कुटुंबा एवं नवीनगर आकांक्षी प्रखंडों के सूचकांकवार प्रदर्शन की समीक्षा की गई. संपूर्णता अभियान-2.0 के तहत देव प्रखंड में छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों द्वारा नियमित रूप से अनुपूरक पोषण प्राप्त करने की उपलब्धि 100 प्रतिशत रही. आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की माप दक्षता 95.47 प्रतिशत, क्रियाशील शौचालय की उपलब्धता 88.71 प्रतिशत तथा पेयजल सुविधा की उपलब्धता 89.74 प्रतिशत रही.
मदनपुर और कुटुंबा में भी सूचकांकों की समीक्षा
मदनपुर प्रखंड में अनुपूरक पोषण की उपलब्धि 100 प्रतिशत, बच्चों की माप दक्षता 89.06 प्रतिशत, आंगनबाड़ी केंद्रों में क्रियाशील शौचालय की उपलब्धता 86.77 प्रतिशत तथा पेयजल सुविधा 90 प्रतिशत रही. वहीं, कुटुंबा प्रखंड में अनुपूरक पोषण की उपलब्धि 89.45 प्रतिशत, बच्चों की माप दक्षता 97.26 प्रतिशत, क्रियाशील आंगनबाड़ी शौचालय की उपलब्धता 96.13 प्रतिशत तथा पेयजल सुविधा 89.96 प्रतिशत दर्ज की गई.
नवीनगर में अनुपूरक पोषण की उपलब्धि 84.22 प्रतिशत
नवीनगर प्रखंड में अनुपूरक पोषण की उपलब्धि 84.22 प्रतिशत, बच्चों की माप दक्षता 92.60 प्रतिशत, क्रियाशील आंगनबाड़ी शौचालय की उपलब्धता 80.85 प्रतिशत तथा पेयजल सुविधा 92.40 प्रतिशत रही. पशु टीकाकरण की उपलब्धि 99.33 प्रतिशत दर्ज की गई.
शिक्षा और कृषि क्षेत्र के सूचकांकों पर भी चर्चा
शिक्षा क्षेत्र में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षण के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों, कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा अन्य संबंधित सूचकांकों की प्रखंडवार समीक्षा की गई. इसके अलावा कृषि, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत अन्य क्षेत्रों की प्रगति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं और सूचकांकों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया गया.
जिला स्तरीय अधिकारियों ने लिया बैठक में हिस्सा
बैठक में उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कृष्णा कुमार, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, सहायक जिला योजना पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
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