विकास योजनाओं को पटरी पर लाने का प्रयास तेज
औरंगाबाद (ग्रामीण) : लोकसभा चुनाव की अधिसूचना फरवरी माह के अंत तक जारी हो जायेगी. विभिन्न पार्टी के कार्यकर्ता व नेता अपने-अपने दावेदारी में लग भी गये है. जनता को अभी से ही आश्वस्त किया जाने लगा है कि किसी पार्टी के कौन से प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरेंगे.
प्रत्याशियों को लेकर चाय पान की दुकानों पर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी है. अभी से ही हवा में तीर चलाने का दौर भी शुरू हो गया है. ये तो वक्त ही बतायेगा कि कौन किस पार्टी से लड़ेगा. लेकिन चुनाव की आहट से विकास योजनाओं को पटरी पर लाने का एक प्रयास किया जाने लगा है.
विभिन्न पार्टी के चुने हुए जनप्रतिनिधि शिलान्यास की झड़ी लगा रहे है.
जनता को सिर्फ काम से मतलब है. ऐसे में जनप्रतिनिधियों को समर्थन मिलना लाजिमी है. लेकिन एक स्वर लोगों के बीच उभर रही है कि आखिर इतने दिन नेता जी कहां थे. अब ही शिलान्यास की याद कैसे आयी. काराकाट लोकसभा क्षेत्र हो या औरंगाबाद. हर स्थानों में निर्माण कार्यो पर अब नेताजी ध्यान देने लगे है. संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक भी अपने पार्टी को जीताने के लिए अभी से ही जनता के पास झूठ की पोटली खोलने लगे हैं.
विधायक जी भी लगातार शिलान्यास कर रहे है, उद्घाटन भी हो रहा है. यानी लोकसभा चुनाव की घंटी बजने के पहले जनता के दिलों में जगह बनाने का प्रयास शुरू हो गयी लेकिन इन सभी के बीच जनता के मूड को जनाना नेता जी के वश की बात नहीं है.
जनता शिलान्यास नहीं बल्कि काम की
गारंटी मांग रही है. ओबरा, नवीनगर, कुटुंबा, दाउदनगर, बारुण, देव प्रखंड में कई निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया है. अधिकतर शिलान्यास जनवरी प्रारंभ से फरवरी के बीच में किये गये है. शिलान्यास के दौरान नेताजी ने जम कर भाषण भी दी. कहा, दो से चार दिनों में कार्य प्रारंभ होगा. लेकिन अधिकतर योजनाओं में कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है.
