जिला परिवहन कार्यालय से सूचना मांगे जाने के बाद टूटी अधिकारियों की नींद
डीएम व डीटीओ ने दिया व्यावसायिक रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश
औरंगाबाद सदर : सरकार कानून व नियम तो बनाती है, लेकिन अक्सर इसका अनुपालन सरकार के लोग ही नहीं करते हैं. मामला अगर कहीं से तूल पकड़ता है, तो जरूर सुधार की कवायद शुरू की जाती है.
जिले के सरकारी विभागों में संविदा पर चल रहे वाहनों के साथ ऐसा मामला उजागर हुआ है. दरअसल, सरकारी विभागों में कई वाहन ऐसे संचालित किये जा रहे हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन निजी इस्तेमाल के लिए कराया गया है. इससे सरकारी राजस्व को तो चूना लग ही रहा है, परिवहन कानून का भी उल्लंघन हो रहा है. सूचना अधिकार मंच के सचिव अवध बिहारी सिंह द्वारा पूर्व में जिला परिवहन पदाधिकारी से मांगी गयी सूचना के बाद विभाग की नींद खुली. अब, जिला पदाधिकारी एवं परिवहन विभाग के पदाधिकारी ने सरकारी विभाग में चल रहे निजी वाहनों का व्यवसायिक रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश जारी किया है.
उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी विभागों में सरकारी कार्य के लिए उपयोग में लाये जा रहे वाहनों का व्यावसायिक रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हुए निजी वाहन मालिक सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे थे. जब इस संबंध में जिला परिवहन कार्यालय से सूचना मांगी गयी और उनसे पूछा गया कि जिले में सरकारी विभाग में चल रहे व्यावसायिक वाहनों की सूची उपलब्ध करायी जाये, तब विभाग हरकत में आया और सूचना देते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी ने यह आदेश दिया कि सरकारी कार्य हेतु उपयोग में लाये जा रहे वाहन को व्यावसायिक रूप में परिवर्तन करते हुए उसका रजिस्ट्रेशन कराया जाये.
इधर, जिलाधिकारी ने भी जिला प्रशासन के तमाम पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि निजी वाहनों को भाड़े पर रख कर सरकारी विभागों में इसका परिचालन किया जा रहा है. निजी कार्यों के लिये निबंधित गाड़ियों को भाड़े पर नहीं चलाया जाये, यह नियम के विरुद्ध है. इससे सरकार के राजस्व का घाटा हो रहा है. इसलिए निजी वाहनों का उपयोग सरकारी कार्य में व्यावसायिक रूप से किया जा रहा है, तो उसे शीघ्र ही व्यावसायिक वाहन में परिवर्तन कराते हुए उसका रजिस्ट्रेशन कराया जाये और सभी वाहन मालिकों को इसका आदेश भी दिया जाये.
