औरंगाबाद (नगर) : सदर अस्पताल में प्रसव कराने के लिए पहुंचने वाली महिला मरीजों को दलाल द्वारा बहला फुसला कर निजी क्लिनिक में ले जाकर आर्थिक दोहन करने का मामला प्रकाश में आया है.
इससे संबंधित एक प्राथमिकी सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक जनार्दन प्रसाद के बयान पर नगर थाने में दर्ज की गयी है. दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में रायपुरा भरथौली गांव की आशा, कपसिया गांव की आशा लक्ष्मी देवी व सेवा क्लिनिक के संचालक को आरोपित बनायागया है.
यह प्राथमिकी बिहार सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री व औरंगाबाद भाजपा विधायक रामाधार सिंह के निर्देश पर दर्ज करायी गयी है. दर्ज प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि देव प्रखंड के राजा तुरता निवासी शंकर पासवान की पत्नी आरती देवी प्रसव पीड़ा से पीड़ित थी. परिजनों ने प्रसव के लिए देव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया था. वहां के चिकित्सकों ने महिला की स्थिति गंभीर देखते हुए सदर अस्पताल रेफर किया था.
सदर अस्पताल में आने पर रायपुरा भरथौली की आशा ने आरती देवी को बहला फुसला कर सेवा क्लिनिक में ले गयी, और 14 हजार रुपये में तय कर सिजेरियन ऑपरेशन करवा डाली. इसकी जानकारी पूर्व मंत्री को हुई. पूर्व मंत्री ने सिविल सजर्न को जांच कर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
इस पर सीएस ने जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ राज कुमार पासवान को जांच करने का निर्देश दिया. उक्त पदाधिकारी ने जांच के क्रम में पाया कि आरती देवी के परिजन से सिजेरियन ऑपरेशन के नाम पर 16 हजार रुपये मांगे गये थे, जिसमें परिजन से 14 हजार रुपये में तय हुआ. ऑपरेशन से पहले रुपये भी जमा कराये गये.
इसके बाद संचालक ने 794 रुपये की दवाएं बाहर से मंगायी. जांच के क्रम में मलेरिया पदाधिकारी ने यह भी पाया कि आरती देवी के अलावे कपसिया गांव के जयमंगल चौधरी की पत्नी अंजु देवी को भी सदर अस्पताल से बहला फुसला कर लाया गया है. मलेरिया पदाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट सिविल सजर्न को सौंपी, जिस पर सिविल सजर्न ने सदर अस्पताल उपाधीक्षक को तीनों पर एफआइआर कराने का निर्देश दिया. इधर, नगर थाने की पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन करने में जुट गयी है.
