सभी ग्राउंड में भरा पानी फिर कहां करें प्रैक्टिस

कुव्यवस्था . बारिश ने बढ़ायी खिलाड़ियों की परेशानी मैदान में घुटने भर जमा है बारिश का पानी औरंगाबाद (सदर) : शहर के गेट स्कूल खेल मैदान, मदरसा इसलामिया मैदान व गांधी मैदान में बारिश का पानी भरा हुआ है. इससे खिलाड़ी खेलने से वंचित हैं. शहर में एक तो पहले से ही खेल मैदान की […]

कुव्यवस्था . बारिश ने बढ़ायी खिलाड़ियों की परेशानी

मैदान में घुटने भर जमा है बारिश का पानी
औरंगाबाद (सदर) : शहर के गेट स्कूल खेल मैदान, मदरसा इसलामिया मैदान व गांधी मैदान में बारिश का पानी भरा हुआ है. इससे खिलाड़ी खेलने से वंचित हैं. शहर में एक तो पहले से ही खेल मैदान की कमी है. ऊपर से बारिश ने खिलाड़ियों के खेल मैदान को प्रभावित कर दिया है. गेट स्कूल खेल मैदान घुटने भर पानी जमा है. यह खिलाड़ियों का सबसे फेवरेट मैदान में पानी जमा होने और कीचड़ रहने के कारण क्रिकेट व फुटबॉल के खिलाड़ी परेशान हैं. खिलाड़ियों का प्रैक्टिस बाधित है. मैदान से पानी निकासी की व्यवस्था नहीं रहने के कारण मैदान में पानी भरा है. बताते चलें कि शहर का गेट स्कूल खेल मैदान व गांधी मैदान खिलाड़ियों का मुख्य है.
प्रभावित हो रहा खिलाड़ियों का अभ्यास : शहर के गेट स्कूल खेल मैदान, मदरसा इसलामिया ग्राउंड व गांधी मैदान में बारिश का पानी जमा होना खिलाड़ियों को रास नहीं आ रहा है. गौरतलब है कि शहर के इन खेल मैदानों में हर वर्ग के लोग खेल के प्रैक्टिस के लिए हर रोज सुबह पहुंचते हैं. लेकिन, तीन दिन से हो रही बारिश के कारण इन मैदानों में घुटने भर पानी जमा है. इसके कारण खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है.
रोज सुबह बैट-बॉल और फुटबॉल लेकर इन मैदानों पर पहुंच रहे खिलाड़ी मैदान में पानी जमा देख कर वापस लौट जा रहे हैं. इसी तरह की स्थिति टाउन इंटर स्कूल खेल मैदान की है. स्थानीय खिलाड़ी बताते हैं कि खेल मैदान का अधिग्रहण होने के कारण इस मैदान पर खेल महीनों से बाधित है. इसे बचाने के प्रयास में स्थानीय संघर्ष समिति भी न्यायालय तक अपनी लड़ाई लड़ रही है.
जलनिकासी की नहीं है व्यवस्था
नियमित नहीं हो पाता अभ्यास
शहर में खिलाड़ियों को उनके अनुरूप एक भी खेल मैदान उपलब्ध नहीं है. खेल मैदान का अभाव है. गेट स्कूल खेल मैदान स्कूल की निजी जमीन है, जिस पर स्कूल प्रशासन का अधिकार है. खिलाड़ी इस मैदान का उपयोग नियमित करते हैं, पर मैदान का सार्वजनिक इस्तेमाल होने के कारण नियमित अभ्यास नहीं हो पाता. चुनाव के वक्त यहां गाड़ियां लगा दी जाती हैं और बाकी के समय में विभिन्न तरह के कार्यक्रमों से यह खेल मैदान प्रभावित रहता है. हाल ही में सांसद निधि से गेट स्कूल खेल मैदान के चारों ओर पथ का निर्माण कराया गया, जिसके निर्माण में अभियंता ने ध्यान नहीं दिया. कहीं भी जल निकासी का स्रोत नहीं छोड़ा गया है, जिसके कारण यहां बारिश का पानी जमा हो जा रहा है. यह खेल मैदान खिलाड़ियों का केंद्र रहा है. इसे ठीक करने की जरूरत है.
रवींद्र कुमार रवि, सचिव जिला क्रिकेट एसोसिएशन, औरंगाबाद
शहर में खेल मैदान
की है कमी
शहर में खेल मैदान का अभाव है. तीन खेल मैदान हैं. उसमें बारिश का पानी भरा है. क्रिकेटरों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है. यहां खिलाड़ी वैसे भी खेल मैदान की कमी के कारण दो-चार महीने ही ठीक से प्रैक्टिस कर पाते है.
अशोक पांडेय, क्रिकेटर सह शिक्षक
हल्की बारिश होने पर ही गेट स्कूल के खेल मैदान में पानी भर जाता है. यहां बरसात के मौसम में कोई खेल नहीं हो पाता. शहर में क्रिकेट खेलने के लिए दूसरा कोई और पीच भी नहीं, जहां अच्छे से नियमित अभ्यास किया जा सके. प्रशासन को इस पर ध्यान नहीं है.
शैलेंद्र कुमार, क्रिक्रेटर
शहर में खेल मैदानों की कमी है. एक ही खेल मैदान पर क्रिकेटर व फुटबॉलर अपना अभ्यास करते हैं. दोनों खेल के खिलाड़ियों को परेशानी होती है. पुराने खिलाड़ी तो आपस में समझौता कर लेते हैं, पर नये खिलाड़ी एक साथ दोनों खेल को नहीं स्वीकारते.
संतोष कुमार, फुटबॉलर
बारिश के मौसम में शहर के सारे खेल मैदान जलमग्न हो जाते हैं. गेट स्कूल और गांधी मैदान दोनों की बुरी स्थिति हो जाती है. गांधी मैदान वैसे भी सालोभर गंदगी से पटा रहता है. 15 अगस्त या 26 जनवरी के अवसर पर ही उसकी सफाई करायी जाती है.
भानु पांडेय, क्रिकेट

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