देव उपप्रमुख हत्याकांड में शामिल नक्सली गिरफ्तार

औरंगाबाद (नगर) : देव प्रखंड के उपप्रमुख सह पूर्वी केताकी पंचायत के मुखिया प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह की हत्या में शामिल एक नक्सली पप्पू कुमार को पुलिस ने औरंगाबाद शहर में स्थित अपने मौसेरे भाई नक्सली कमांडर अभयजी के घर से गिरफ्तार कर लिया. वह देव थाना क्षेत्र के विश्रामपुर निवासी जनार्दन यादव का बेटा […]

औरंगाबाद (नगर) : देव प्रखंड के उपप्रमुख सह पूर्वी केताकी पंचायत के मुखिया प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह की हत्या में शामिल एक नक्सली पप्पू कुमार को पुलिस ने औरंगाबाद शहर में स्थित अपने मौसेरे भाई नक्सली कमांडर अभयजी के घर से गिरफ्तार कर लिया. वह देव थाना क्षेत्र के विश्रामपुर निवासी जनार्दन यादव का बेटा है. शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान एसपी बाबू ने कहा कि 21 मई की दोपहर नक्सलियों ने दिन दहाड़े उपप्रमुख मनोज सिंह की हत्या सिंघवा बाजार में गोली मारकर कर दी थी.
इस घटना से संबंधित प्राथमिकी देव थाने में कांड संख्या 29/16 दर्ज की गयी थी. इसमें नामजद बने आरोपित सुरेंद्र यादव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था. वह जो जेल में है. एसपी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार नक्सली पप्पू कुमार नक्सली कमांडर अभयजी से पिछले एक वर्ष से संपर्क में था. अभय ने इसको पार्टी में उच्च पद देने का आश्वासन देकर जोड़ा था. एसपी ने कहा कि मनोज सिंह की हत्या में पप्पू कुमार लाइनर की भूमिका निभाया था. साथ ही अपनी बाइक नक्सलियों को दे दी थी.
प्रेसवार्ता में एएसपी अभियान राजेश भारती, मदनपुर सर्किल इंस्पेक्टर केके साहनी व देव थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार भी मौजूद थे.
पार्टी में उच्च पद पाने के लालच में नक्सली संगठन से जुड़ा था पप्पू: देव उप प्रमुख मनोज सिंह हत्याकांड में शामिल नक्सली पप्पू कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के दौरान पप्पू कुमार ने संगठन के बारे में कई खुलासा भी किया है. जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. पप्पू कुमार इसी वर्ष इंटर की परीक्षा पास किया था. पप्पू का सीधा संपर्क नक्सलियों से हुआ और वह नक्सली संगठन में रहे अपने रिश्तेदार अभयजी के कहने पर जुड गया. वैसे अभयजी नक्सली संगठन का जोनल कमांडर है.
संगठन से जुड़ने के बाद जोनल कमांडर अभयजी ने प्रत्येक माह पप्पू को पैसा देते थे और आगे चल कर संगठन में उच्च पद देने की बातें कहा करते थे. ये बातें शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान एसपी बाबू राम ने कहीं. उन्होंने कहा कि पप्पू छोटी सी उम्र में ही नक्सली से जुड़ गया. पप्पू ने अभी इंटर ही पास किया है. इसके आगे उसे पढ़ाई के बल पर आगे बढ़ना चाहिए था. पर, नक्सलियों के दबाव में आकर वह संगठन से जुड़ गया. एक साल भी नहीं हुआ कि वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. एसपी ने कहा कि नक्सली जोनल कमांडर अभयजी अपने भाई सुशील यादव को मासिक खर्च के लिए पैसा पप्पू के माध्यम से ही देते थे, जिसका पूरा हिसाब पप्पू के पास से बरामद हुआ है. अभयजी खाने-पीने से लेकर सामान मोबाइल व सिम सहित अन्य जरूरी सामान पप्पू के माध्यम से ही खरीदता था.
अभयजी ने कहा था कि पढ़ने-लिखने से कुछ नहीं होगा. पार्टी को मदद करो. यह समाजसेवा होगी. मनोज हत्याकांड के चार पांच दिन पहले अभयजी के कहने पर पप्पू सतनदिया जंगल में मिलने के लिये अपने दोस्त भोला यादव के साथ गया था. वहां पर अभिजीत, नवल, अभयजी सहित अन्य नक्सली उपस्थित थे. इनके अलावे तीन और व्यक्ति थे, जिन्हें पप्पू नही पहचानता था. अभयजी के द्वारा बताया गया कि उपप्रमुख मनोज सिंह हमारे समाज के लोगों को प्रताडित कर रहे है, इसलिये उनका काम तमाम करने का निर्णय लिया गया. जिसमें पप्पू,भोला व तीन अन्य व्यक्ति थे उन्हें जिम्मेवारी दी गयी. घटना के दिन पूर्व निर्धारित योजना के तहत तीनो अन्य व्यक्ति एक अपाची मोटरसाइकिल से 1 व्यक्ति हीरो होंडा आई स्मार्ट बाइक से विश्रामपुर गांव के पास पहुंचे. जहां पप्पू अपनी बाइक के साथ मौजूद था. पप्पू ने भी अपनी मोटरसाइकिल उन तीनो को दे दिया.
तीनो मोटरसाइकिल लेकर गंजोई की ओर चले गये. लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर तीनो मोटरसाइकिल वापस आयी. जिन्हें तीनो वही अनजान व्यक्ति चला रहे थे तथा अभिजीत, अभय, नवल, नीतेश एवं दो अन्य लोग झोला में हथियार लेकर पीछे बैठे हुये थे. तीनो मोटरसाइकिल पर तीन-तीन लोग सवार थे. बारिश हो जाने के कारण बाइक पर सवार नक्सली कुछ देर विश्रामपुर गांव के मुंगेश्वर यादव के ढाबा पर रूके.
वर्षा बंद होने के बाद नौ नक्सली तीन बाइक पर सवार होकर फुलवरिया, सिंघवा पथ की ओर चल गये और पप्पू एवं भोला अपने-अपने घर चले गये. कुछ देर बार मुखिया प्रत्याशी व उप प्रमुख की हत्या हो गयी. इसके बाद नक्सली अभय, नितेश ने पप्पू को बताया कि इलाज हो गया है. आपकी बाइक कल महेंद्र भुइंया के घर के पास रहेगी और वहीं से अपनी बाइक ले लेना. पप्पू कुमार व भोला बाइक के साथ औरंगाबाद चला गया.
पप्पू को जब यह अशंका हुई कि पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तार किया जा सकता है, तो पप्पू ने यह बात नक्सली कमांडर अभयजी को बताया. अभयजी ने पप्पू को औरंगाबाद स्थित अपने घर पर भाई सुशील के साथ रहने का निर्देश दिया. अभयजी ने पप्पू को यह भी कहा कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए जाने पर किसी भी परिस्थिति में पुलिस को कुछ नहीं बतायेंगे. एसपी ने कहा कि मनोज हत्याकांड में जो पप्पू का बाइक इस्तेमाल किया गया था, उसे भी अभयजी के घर से बरामद किया गया है. एसपी ने यह भी कहा कि अभयजी ने लेवी के पैसा से औरंगाबाद शहर में अपनी मां के नाम पर जमीन खरीद कर घर का निर्माण करवाया है.
पप्पू के मोबाइल कॉल डिटेल से पता चला है कि वह लगातार नक्सलियों के संपर्क में रहता था, बहुत ही कम उम्र में नक्सलियों के प्रभाव में आकर पढ़ाई का रास्ता छोड़ नक्सली गतिविधियों में शामिल हो गया था. कांड के अनुसंधान में यह बात सामने आयी है कि नक्सली अपने निजी स्वार्थ के कारण आम लोगों की हत्या व विध्वंसक घटनाओं का अंजाम दे रहे हैं. एसपी ने कहा कि एक जाति विशेष संरक्षण के नाम पर कम उम्र के युवाओं में जहर भरा जा रहा है.

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