मैट्रिक परीक्षा में फेल होने के बाद एक छात्रा ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. फेल होने के बाद वह गुमसुम रह रही थी. हालांकि, आत्महत्या का मामला संदेह के घेरे में है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
औरंगाबाद (ग्रामीण) : बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में फेल होने के बाद एक 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. हालांकि, मामला संदेह के घेरे में है. लेकिन, पुलिस प्रथम दृष्टया में आत्महत्या मानते हुए मामले की छानबीन कर रही है. गुरुवार की सुबह मृतका बिनु कुमारी के शव का पोस्टमार्टम पुलिस ने कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया. घटना औरंगाबाद जिले के नरारी कला थाना क्षेत्र के लखैयपुर गांव की है.
मिली जानकारी के अनुसार, राम विलास सिंह की पुत्री बिनु कुमारी इसी वर्ष राजकीयकृत उच्च विद्यालय बारुण से मैट्रिक की परीक्षा दी थी. किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज में परीक्षा सेंटर पड़ा था. बिनु को उम्मीद थी कि इस बार वह अच्छे नंबरों से पास होगी. लेकिन, जब रिजल्ट निकला तो उसे गहरा आघात पहुंचा. वह पास होने के बजाय परीक्षा में फेल हो गयी.
परिजनों का कहना था कि परीक्षा परिणाम आने के बाद वह गुमसुम रहने लगी. बुधवार की शाम अपने घर के एक कमरे में घुस कर छत के धरन से फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. नरारी कला थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि मैट्रिक परीक्षा में फेल होने के बाद छात्रा लगातार डिप्रेशन में रह रही थी, जैसा की परिजनों का कहना है.
इसी को लेकर उसने आत्महत्या कर ली. पुलिस यूडी केस दर्ज कर पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है. इधर, इस घटना के बाद गांव व आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है. पता चला है कि छात्रा ने एक बार पहले भी बोर्ड परीक्षा में बैठी थी. उसमें भी वह फेल हो गयी थी.
