अधिकारियों से नहीं मिला इंसाफ पति-पत्नी बैठे अनशन पर

औरंगाबाद (ग्रामीण) : अपनी ही जमीन को बचाने व कुछ लोगों के आतंक से सहमे एक परिवार ने दर-दर की ठोंकरें खाते हुए आमरण-अनशन का सहारा लिया है. गुरुवार को भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ न्याय पाने के जद्दोजद में पति-पत्नी समाहरणालय के मुख्य द्वार पर आमरण अनशन पर बैठ गये. पीड़ित दंपती कलावती देवी व […]

औरंगाबाद (ग्रामीण) : अपनी ही जमीन को बचाने व कुछ लोगों के आतंक से सहमे एक परिवार ने दर-दर की ठोंकरें खाते हुए आमरण-अनशन का सहारा लिया है. गुरुवार को भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ न्याय पाने के जद्दोजद में पति-पत्नी समाहरणालय के मुख्य द्वार पर आमरण अनशन पर बैठ गये. पीड़ित दंपती कलावती देवी व कमलेश सिंह ने बताया कि भू-अर्जन कार्यालय एनपीजीसी व राजस्व कर्मचारी के प्रताड़ना से तंग आकर न्याय के लिए अनशन का सहारा लिया है.
मिली जानकारी के अनुसार, बारुण प्रखंड के नरारी थाना क्षेत्र के कुड़वा गांव निवासी कमलेश सिंह की 45 बीघा जमीन बिजली घर के लिए अधिग्रहित कर ली गयी और दबंगों के प्रभाव में आकर व्यापक पैमाने पर मुआवजा राशि की लूट की गयी. पति-पत्नी को एक पैसे का भुगतान नहीं किया गया. इस मामले को लेकर कमलेश अपने परिवार के साथ अधिकारियों से लेकर राजनेताओं तक अपनी समस्या रखी और न्याय की गुहार लगायी. अधिकारियों ने इस मामले को देखा भी, बावजूद इनके आदेश पर अमल नहीं किया गया.
भू-अर्जन कार्यालय द्वारा मुआवजा की राशि का भुगतान भी नहीं हो सका. यही नहीं पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक से लेकर संबंधित थाना के पदाधिकारी , उप विकास आयुक्त, मगध प्रमंडल आयुक्त तक न्याय की गुहार लगायी, पर न्याय की बातें सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गयी. अंतत: पीड़ित परिवार ने आमरण अनशन का सहारा लिया. गुरुवार से अनशन पर बैठे पति- पत्नी ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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