औरंगाबाद (कोर्ट) : कुछ दिनों पूर्व डीटीओ कार्यालय में छापेमारी कर कथित रूप से प्रधान लिपिक व ऑपरेटर की गिरफ्तारी के बाद संबंधित पदाधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होने की निंदा अराजपत्रित कर्मचारियों ने की है. गुरुवार को बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई.
इस बैठक में महासंघ के सदस्यों ने कहा है कि जिला पुलिस की इस कार्रवाई से सरकार व पदाधिकारियों की सांठ-गांठ की बू आ रही है.
यदि जिला परिवहन से गिरफ्तार किये गये प्रधान लिपिक व ऑपरेटर पर गिरफ्तार दलालों के बयान के आधार पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है, तो फिर इस मामले में संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. महांसघ के सदस्यों ने कहा है कि यह कार्रवाई सरकार की दोयम नीति को परिलक्षित करती है. सदस्यों ने अपने कर्मियों को आगाह करते हुए कहा है कि सरकार की मंशा को समङों और सावधान रहें.
बैठक की अध्यक्षता महेश पांडेय ने की. इस मौके पर जिला महामंत्री सुरेंद्र कुमार पांडेय, कृष्णा कुमार सिन्हा, रामशरण प्रसाद सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
