एक तरफ जिले में पुलिस प्रशासन के वाहन चेकिंग अभियान से लोगों में हड़कंप है, तो दूसरी तरफ ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) कार्यालय में हर रोज सैकड़ों लोगों की भीड़ लग रही है.
औरंगाबाद (नगर) : ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए सुबह ही लोग अपने घर से निकल जा रहे हैं और जिला परिवहन कार्यालय में काउंटर पर लाइन लगा कर खड़े हो जा रहे हैं, घंटों कतार में लगे रहने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फॉर्म जमा कर रहे हैं.
फॉर्म जमा करने के बाद लोगों को 15 दिन बाद चालान का पैसा जमा करने के लिए बुला जा रहा है.
चालान का पैसा जमा करने के दौरान भी फिर वही स्थिति झेलनी पड़ती है. कभी-कभी तो मारामारी की स्थिति उत्पन्न होती है. यानी कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए एक व्यक्ति को चार-पांच बार परिवहन कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. तब जाकर करीब एक माह के बाद ड्राइविंग लाइसेंस नसीब हो रहा है. यदि इस दौरान कोई व्यक्ति का वाहन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया, तो उसे जुर्माना भी देना पड़ रहा है.
एक सप्ताह से लिंक फेल होने की शिकायत
इधर, एक सप्ताह से परिवहन विभाग की स्थिति यह है कि लिंक फेल होने के कारण न तो रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा हो पा रहा है और न ही टैक्स. इसको लेकर लोगों में काफी आक्रोश दिख रहा है. हालांकि परिवहन विभाग के पदाधिकारी इससे काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं.
कार्यालय में एक काउंटर से हो रही परेशानी
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में लोगों को हो रही परेशानी के बारे में पूछे जाने पर मोटरयान निरीक्षक(एमवीआइ) रंजीत कुमार ने बताया कि जिला परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस का फॉर्म जमा करने के लिए एक काउंटर है, जिसके कारण परेशानी हो रही है. जगह का अभाव भी है. फिर भी लोगों की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखते हुए जल्द सुविधाएं बढ़ायी जायेंगी.
