औरंगाबाद कार्यालय : कासमा थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में रामचरित्र मिस्त्री की हत्या के बाद आपसी तनाव बना हुआ है. तनाव को कम करने के लिए रफीगंज व कासमा थाने की पुलिस ने काफी प्रयास किये हैं.
स्थिति नियंत्रित में भी है, लेकिन तनाव कायम है. जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय रामचरित्र मिस्त्री की सात साल पहले ही कुंती देवी के साथ शादी हुई थी. इनका कोई संतान नहीं है. लेकिन गांव में लोग इन्हें काफी सम्मान देते थे. मंगलवार की सुबह 10 बजे वे घर से रफीगंज जाने के लिए निकले थे. इनका चचेरा भाई राम विनय शर्मा बताते है कि जब रामचरित्र मिस्त्री घर से निकले तो गांव के ही जनार्दन मिस्त्री चिल्लाते हुए इनके पास पहुंचा, कहा कि कुछ लोग हमारे साथ मारपीट कर रहे है.
जनार्दन मिस्त्री के कहने पर रामचरित्र मिस्त्री उस जगह पर चले गये, जहां जनार्दन मिस्त्री व देव सुंदर मिस्त्री के बीच झगड़ा चल रहा था. राम विनय शर्मा ने बताया कि जनार्दन मिस्त्री के वापस जाते ही दूसरा पक्ष के लोगों ने मारपीट करने लगे. इस दौरान रामचरित्र मिस्त्री बचाने के लिए आगे बढ़े तो उन्हीं के ऊपर तेज हथियार से प्रहार किया गया.
इन पर इतना प्रहार किया गया कि केवल इनकी सांसे चल रही थी. मारपीट की घटना के बाद अस्पताल भी नहीं पहुंच सके, मौत हो गयी. इधर इस घटना को लेकर गांव के लोग इस बात से आक्रोशित हो उठे कि विवाद किस में और हत्या किसकी हुई. इसे लेकर लोग सड़क पर उतर गये. हंगामा किया. प्रदर्शन करने लगे. स्थिति को बिगड़ते देख रफीगंज व कासमा दोनों थानाध्यक्ष को आना पड़ा, जब पुलिस ने आश्वासन दिया कि दोषी को शीघ्र गिरफ्तार किया जायेगा, तब लोग शांत हुए.
