औरंगाबाद : मंगलवार को दिल्ली दुष्कर्म कांड में दोषी करार दिये गये आरोपित अक्षय ठाकुर के औरंगाबाद जिले के नवीनगर स्थित लहंगकरमा गांव में उसके घर पर सन्नाटा था. उसके घर पर जो परिजन मौजूद थे, कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं. उसकी मां मालती देवी खासे परेशान हैं.
पत्नी सुनीता सिंह भी विचलित दिखीं. उनकी भी हालत ठीक नहीं थी. हालांकि उसके पिता सरयू सिंह व अन्य परिजन सामान्य रहने–दिखने की कोशिश कर रहे थे.
जहां तक अक्षय के गांव का सवाल है, वहां मंगलवार को भी सब कुछ कमोबेश सामान्य था. काफी देर तक किसी को पता नहीं था कि दुष्कर्म से संबंधित मामलों में अदालत ने अक्षय को दोषी करार दिया है. मीडिया के लोगों से इस बाबत जानकारी मिलने पर गांव वाले जहां–तहां दबी जुबान से इस घटना की चर्चा करते पाये गये. वैसे, औपचारिक तौर पर कोई किसी से कुछ भी बोलने–बताने को तैयार नहीं.
उल्लेखनीय है कि दुष्कर्म की घटना के बाद अक्षय का नाम उस मामले में मीडिया में आने के बाद गांव में जब पत्रकारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ था, गांववाले काफी उग्र हो गये थे. इस आरोप के साथ कि मीडियावाले मिर्च–मसाला डाल कर मामले को बढ़ा–चढ़ा कर पेश कर रहे हैं.
