गरमी के प्रकोप से बढ़ा बीमारियों का खतरा

नवीनगर : तपती धूप की वजह से बीमारियों ने अपना पांव पसारना शुरू कर दिया है. इससे सरकारी एवं निजी अस्पतालों में भी रोगियों का हुजूम उमड़ने लगा है. इन बीमारियों का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है. जैसे-जैसे गरमी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. वैसे ही बिजली की किल्लत भी होने […]

नवीनगर : तपती धूप की वजह से बीमारियों ने अपना पांव पसारना शुरू कर दिया है. इससे सरकारी एवं निजी अस्पतालों में भी रोगियों का हुजूम उमड़ने लगा है. इन बीमारियों का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है.

जैसे-जैसे गरमी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. वैसे ही बिजली की किल्लत भी होने लगी है. इससे शहर से लेकर गांव तक के लोग काफी परेशान हैं. स्थिति यह हो चली है कि कई दिन दीपक व मोमबती के सहारे रात गुजारने पड़ रहे हैं. अनियमित बिजली आपूर्ति की वजह से पीने को पानी के लाले पड़ रहे है. लोगों का कहना है कि मई के शुरुआत में जब स्थिति यह है, तो जून महीना आना अभी बाकी है.

24 घंटे में हर रोज छह से आठ घंटे भी बिजली नियमित रूप में रहती, तो इस तरह की समस्या नहीं होती. लू की बढ़ी अधिकता चिलचिलाती धूप से मरीजों की संख्या पर नियंत्रण से संबंधित डॉ मिथिलेश सिंह ने कहा कि इन दिनों बीमारी का कारण बढ़ते तापमान के साथ गरम व सुस्त हवा है.

दिन में हम जब घर से निकलते है तो अपेक्षाकृक्ष उच्च तापमान में जाने पर लू की संभावना बढ़ जाती है. ऐसी परिस्थिति में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. घर से बाहर निकलते समय शरीर को तौलिये से ढंक कर रखना चाहिए. साथ ही निबू पानी और ग्लूकोज का भी सेवन करना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो सके.

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