व्यवसायी राजू गुप्ता की निर्मम हत्या, सभी एक नजर देखने को हो रहे थे उतावले

औरंगाबाद कार्यालय: औरंगाबाद शहर में पिछले दो दशकों में जितने भी आपराधिक घटनाएं हुई है, उसमें से एक बड़ी घटना मानी जा रही है व्यवसायी राजू गुप्ता की निर्मम हत्या. राजू गुप्ता की मौत के पीछे कारण चाहे जो भी रहा हो. लेकिन, लोग इसे एक समाजसेवी के रूप में जानते थे और यही कारण […]

औरंगाबाद कार्यालय: औरंगाबाद शहर में पिछले दो दशकों में जितने भी आपराधिक घटनाएं हुई है, उसमें से एक बड़ी घटना मानी जा रही है व्यवसायी राजू गुप्ता की निर्मम हत्या. राजू गुप्ता की मौत के पीछे कारण चाहे जो भी रहा हो. लेकिन, लोग इसे एक समाजसेवी के रूप में जानते थे और यही कारण रहा कि इसकी मौत की खबर जिले में आग की तरह फैल गयी और जो भी जहां से सुना वहां से सदर अस्पताल की ओर दौड़ पड़ा.

हर कोई एक नजर इस व्यक्ति को देखने के लिए जिस तरह उतावले थे, उससे यह आभास होता है कि लोगों के दिलों में राजू गुप्ता का विशेष स्थान था. हर तरफ हो रही घटना की निंदा और लोगों में आक्रोश देखा जाना भी राजू गुप्ता के प्रति लोगों की सहानुभूति को दर्शाता है.

* चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
राजू गुप्ता के शव का पोस्टमार्टम डॉ कुमार महेंद्र प्रताप के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम द्वारा किया गया है. पोस्टमार्टम के दरम्यान पेट वाली भाग में लगी गोली सीने से बरामद की गयी.
* हत्या को अंजाम देने में लिप्त हो सकते हैं शातिर अपराधी
राजू गुप्ता की हत्या शातिर अपराधियों द्वारा किये जाने की संभावना पुलिस व्यक्त कर रही है. शव को देखने से स्पष्ट होता है कि जो तीन गोलियां मारी गयी है, वो शरीर से सटा कर मारी गयी है. दो गोली तो शरीर के पार कर निकल गयी. लेकिन, एक गोली शरीर के भीतर ही फंस गयी. पुलिस का मानना है कि इस तरह से गोली शातिर अपराधी ही मार सकता है. क्योंकि नये लोग इस तरह प्रहार नहीं करते.
* कई लोगों ने सुनी थी गोली की आवाज
राजू गुप्ता की हत्या के बारे में जो अभी तक जानकारी मिल रही है, उसमें गोली की आवाज सुनने की बात कई लोग बता रहे हैं. आसपास के लोगों ने तीन आवाजें सुनी थी. लेकिन, किसी भी व्यक्ति ने यह जानने का प्रयास नहीं किया कि यह गोली की आवाज कहां से आयी है. अगर लोग प्रयास करते तो गोली मारने वाले का चेहरा भी वो देख सकते थे.
* साढ़े 10-11 बजे रात में हुई घटना
राजू गुप्ता की हत्या गुरुवार की रात साढ़े दस और ग्यारह बजे के बीच होने की बात पुलिस बता रही है. हालांकि अभी तक यह निष्कर्ष पर पुलिस नहीं पहुंच सकी है कि घटना का सही समय क्या था. वैसे इस घटना का समय पुलिस पौने ग्यारह बजे रात को मान रही है.
* गोली मारने के बाद अपराधियों ने चेहरे पर भी किया वार
शव को देखने से स्पष्ट होता है कि चेहरे पर काफी जख्म था. नाक के सामने फटा हुआ था. इससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि अपराधी गोली मारने के बाद उसकी मोटरसाइकिल चढ़ा कर रौंद दिया या कोई धारदार हथियार से प्रहार किया है. यानी की अपराधी पूरी तरह कन्फर्म हो गये होंगे कि इसकी मौत हो गयी है, तभी वे लोग घटनास्थल से भागे होंगे.
* लाइसेंसी पिस्टल रखते थे राजू गुप्ता
राजू गुप्ता का लाइसेंसी पिस्टल था. हर वक्त वह साथ लेकर चलते थे. अक्सर देखा जाता था कि ये पिस्टल लटकाये हुए हैं.
* घटना के दिन घर ही छोड़ दी थी पिस्टल
घटना के दिन राजू गुप्ता अपना लाइसेंसी पिस्टल घर पर ही छोड़ गये थे. घरवालों के अनुसार पिछले कई दिनों से अपना पिस्टल छोड़ कर जाते थे.
* पिस्टल रहने पर जरूर करते मुकाबला
राजू गुप्ता एक साहसी व्यक्ति थे. हिम्मत और साहस दोनों इनके भीतर था. इसी से लोगों के मन में यह बात आ रही है कि अगर इनके पास पिस्टल होता तो अपराधियों का मुकाबला जरूर करते.
* शवयात्रा में शामिल हुए सैकड़ों लोग
मृतक राजू के शव का अदरी नदी के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया. छोटे भाई संजय गुप्ता ने बिलखते हुए मुखाग्नि दी. इससे पहले शुक्रवार की शाम घर से शव यात्रा निकली. घर के परिजन, आस-पड़ोस के लोग व सैकड़ों की संख्या में शहरवासी शामिल हुए. पुरानी जीटी रोड से होते हुए शव यात्रा अदरी नदी पहुंची.
* शव को पड़ा देख एक व्यक्ति ने दी पुलिस को सूचना
राजू गुप्ता का शव सड़क पर पड़ा हुआ था. कुछ ही दूर पर मोटरसाइकिल भी गिरी थी. इसी क्रम में रास्ता से गुजरने वाला एक व्यवसायी ने देखा की किसी का शव पड़ा है तो वह चिल्ला कर भागा. फिर कई लोग आ गये. तब जाकर इसकी सूचना पुलिस को दी गयी. इसके बाद पहचान हुई कि यह शव राजू गुप्ता का है.

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