राज्य सरकार पेंशनरों के साथ अपना रही दोरंगी नीति पेंशनर एसोसिएशन ने बैठक कर विभिन्न बिंदुओं पर की चर्चा (फोटो नंबर-9) परिचय- पेंशनर राम प्रसाद गुप्ता को सम्मानित करते पेंशनर अध्यक्ष व अन्यनवीनगर (औरंगाबाद) पेंशनर एसोसिएशन की बैठक सोखा बाबा प्रांगण में अध्यक्ष बैकुंठ नाथ त्रिपाठी की अध्यक्षता में की गयी. बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी. अध्यक्ष ने कहा कि 89 वर्ष पूर्व 1935 में भारत सरकार द्वारा पेंशन को नियमित रूप से लागू किया गया था. बिहार सरकार के रवैये पर क्षोभ व्यक्त करते हुए दो तरह की नीति अपनाने की बात कही गयी. उन्होंने कहा कि एक ओर न्यायपालिका के सेवानिवृत्त पेंशनरों को 1500 रुपये प्रत्येक माह चिकित्सा भत्ता दिये जा रहे हैं. वहीं, अन्य कर्मचारियों को मात्र 200 रुपये प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता दिये जा रहे हैं. जबकि, 17 दिसंबर के दिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा पेंशनरों को सरकार से मिलनेवाली पेंशन राशि उनका अपना अधिकार बताया गया है. यह कोई भीख नहीं है. हाइकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के 1995 एवं 1997 में पेंशनरों को नि:शुल्क चिकित्सा का आदेश के बावजूद इसका पूर्ण लाभ पेंशनरों को नहीं मिलने की बात कही गयी. इस मौके पर शिवा बिगहा निवासी सेवानिवृत्त जन सेवक राम प्रसाद गुप्ता को फूल माला के साथ ऊनी चादर देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर राजेंद्र सिंह, कृष्णदेव लाल, राघो अग्रवाल, रामनरेश सिंह, राजेंद्र तिवारी, वृहस्पत तिवारी, मानिकचंद साव व रामचंद्र उपाध्याय समेत कई पेंशनर सदस्य शामिल थे.
पेंशन भीख नहीं अधिकार है
राज्य सरकार पेंशनरों के साथ अपना रही दोरंगी नीति पेंशनर एसोसिएशन ने बैठक कर विभिन्न बिंदुओं पर की चर्चा (फोटो नंबर-9) परिचय- पेंशनर राम प्रसाद गुप्ता को सम्मानित करते पेंशनर अध्यक्ष व अन्यनवीनगर (औरंगाबाद) पेंशनर एसोसिएशन की बैठक सोखा बाबा प्रांगण में अध्यक्ष बैकुंठ नाथ त्रिपाठी की अध्यक्षता में की गयी. बैठक में विभिन्न बिंदुओं […]
