धान खरीद नहीं होने से किसान मायूस

बिचौलिये उठा सकते हैं इसका फायदा दाउदनगर (अनुमंडल)प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा धान खरीद की सारी तैयारियां पूरी होने का दावा किया जा रहा है. लेकिन, धरातल पर स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है. सूत्रों के अनुसार धान की खरीदारी सरकारी स्तर पर 16 नवंबर से शुरू हो जानी चाहिए थी. बाद में 25 नवंबर से […]

बिचौलिये उठा सकते हैं इसका फायदा दाउदनगर (अनुमंडल)प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा धान खरीद की सारी तैयारियां पूरी होने का दावा किया जा रहा है. लेकिन, धरातल पर स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है. सूत्रों के अनुसार धान की खरीदारी सरकारी स्तर पर 16 नवंबर से शुरू हो जानी चाहिए थी. बाद में 25 नवंबर से धान खरीद होने की चर्चा की गयी. परंतु अभी तक अधिप्राप्ति शुरू नहीं हो सकी. सूत्रों के अनुसार, बीएसएफसी के दो क्रय केंद्र एवं पैक्सों में किसानों से धान की खरीद की जानी है. पैक्स अपने यहां धान खरीदर कर उन्हीं दो क्रय केंद्रों पर लाते हैं. पूर्व से यहीं व्यवस्था चली आ रही है. बीएसएफसी के क्रय केंद्रों से एसआइओ निर्गत होने के बाद मिलर धान उठा कर ले जाते हैं. मिलिंग करने के बाद सरकार के गोदाम को वापस करते हैं. कई मिलरों ने नाम न छापने का आग्रह करते हुए बताया कि अभी तक पिछले वर्ष का भी मिलिंग का भुगतान सरकार द्वारा नहीं किया गया है, जो 10 रुपये प्रति क्विंटल किया जाता है. दूसरी ओर खलिहानों की स्थिति यह है कि किसानों का धान लगभग तैयार हो चुका है. विपरीत मौसम होने के कारण किसान सशंकित होने लगे हैं. कई किसानों ने बताया कि सबसे बुरी स्थिति छोटे व मध्यम वर्ग के किसानों की है. यदि उनका धान समय पर नहीं लिया जायेगा तो उनकी मजबूरी का लाभ बिचौलिया उठा सकते हैं. कृषि पर ही आश्रित रहनेवाले किसान अपना धान बिचौलियों के हाथों औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हो जायेंगे.

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