औरंगाबाद (ग्रामीण) गांधी मैदान औरंगाबाद में मंगलवार को एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया. इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, समर्थक व आम लोग शामिल हुए. कार्यक्रम में केंद्र व राज्य सरकार के विरुद्ध लोगों ने जम कर हल्ला बोला. अंतत: केंद्र व राज्य सरकार के राजनीतिक तानाशाही व फासीवादी नीतियों के खिलाफ व्यापक पैमाने पर जन संघर्ष तेज करने हेतु साझा मंच का गठन किया गया, जिसका नाम संयुक्त वाम मोरचा रखा गया. कन्वेंशन में भाकपा, माकपा, भ्रष्टाचार प्रतिरोध संघर्ष मोरचा, प्रगतिशील महिला मंच, क्रांतिकारी सांस्कृतिक संघ, सर्वहारा एकता मंच, दमन विरोधी मोरचा व बंदी अधिकार आंदोलन घटक दल के रूप में शामिल हुए. अध्यक्ष मंडल में मिथिला कुमारी, आलोक कुमार, लाल मोहन, रामबली यादव, डीके यादव, सीनेश राही, कमाल अंसारी शामिल हुए. कुल 23 मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हुई. संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार प्रतिरोध संघर्ष मोरचा के संस्थापक आलोक कुमार ने कहा कि राजनीतिक, सामाजिक व आरटीआइ कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमा करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है. इससे बिहार-झारखंड सहित पूरे देश में अघोषित इमरजेंसी जैसी हालात हो गयी है. कन्वेंशन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने आवाज बुलंद करते हुए कहा कि चाहे जितने भी काला कानून बनाया जाये हम डरने वाले नहीं है, जहां भी रहेंगे काले कानूनों, राजकीय व गैर राजकीय दमन, कॉरपोरेट लूट, भ्रष्टाचार, अपहरण, दुष्कर्म व सामंती ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करते रहेंगे. कन्वेंशन में 14 वर्षों से सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला के आमरण अनशन को सम्मानजनक वार्ता के साथ समाप्त कराने सहित 23 मुद्दों को हल करने की मांग की गयी.
कन्वेंशन में जनसंघर्ष तेज करने का निर्णय संयुक्त वाम मोरचा का हुआ गठन(फोटो नंबर-18) परिचय- कॉन्वेंशन में शामिल संयुक्त मोरचा के पदाधिकारी
औरंगाबाद (ग्रामीण) गांधी मैदान औरंगाबाद में मंगलवार को एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया. इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, समर्थक व आम लोग शामिल हुए. कार्यक्रम में केंद्र व राज्य सरकार के विरुद्ध लोगों ने जम कर हल्ला बोला. अंतत: केंद्र व राज्य सरकार के राजनीतिक तानाशाही व फासीवादी नीतियों के खिलाफ व्यापक […]
