(फोटो नंबर-3)परिचय-गर्ल्स हाई स्कूल अंबा( कैंपस पेज के लिये

अनदेखी. गर्ल्स हाइस्कूल अंबा में संसाधनों व शिक्षकों की कमी 1000 छात्राएं, बेंच 70हिंदी, उर्दू व गृह विज्ञान के एक भी शिक्षक नहींअंबा (औरंगाबाद)प्रखंड मुख्यालय स्थित गर्ल्स हाइस्कूल अंबा में संसाधनों व शिक्षकों की कमी खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है. इस विद्यालय में न तो पढ़ाने के लिए सभी विषयों के शिक्षक है […]

अनदेखी. गर्ल्स हाइस्कूल अंबा में संसाधनों व शिक्षकों की कमी 1000 छात्राएं, बेंच 70हिंदी, उर्दू व गृह विज्ञान के एक भी शिक्षक नहींअंबा (औरंगाबाद)प्रखंड मुख्यालय स्थित गर्ल्स हाइस्कूल अंबा में संसाधनों व शिक्षकों की कमी खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है. इस विद्यालय में न तो पढ़ाने के लिए सभी विषयों के शिक्षक है और न ही सभी छात्राओं को बैठने के लिए पर्याप्त बेंच व डेस्क हैं. वर्ग कक्ष का भी काफी अभाव है. जानकारी के अनुसार, नवम वर्ग में 488 व दशम वर्ग में 572 छात्राएं है. इन छात्राओं को बैठने के लिए 70 बेंच है. इतना ही नहीं सात कमरे नीचे व तीन कमरे दूसरी मंजिल पर बना हुआ है. इसी एक कमरे में पुस्तकालय और लाइब्रेरी, दूसरे कमरे में कार्यालय तथा तीसरे कमरे में शिक्षक सदन है. विद्यालय में कुल मिला कर सात शिक्षक और एक प्रधानाध्यापक हैं. जबकि, 60 के अनुपात में 17 शिक्षकों का होना अनिवार्य है. हिंदी, उर्दू व गृह विज्ञान विषय के एक भी शिक्षक नहीं है. छात्राओं को प्रैक्टिकल करने के लिए पर्याप्त उपकरण नहीं है. विद्यालय में चहारदीवारी ध्वस्त हो जाने के कारण छात्राओं की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न है. क्या है समस्या गर्ल्स हाइस्कूल अंबा के एक-दो कमरों में ही बेंच व डेस्क है, शेष कमरे में फर्श पर बैठ कर छात्राएं पढ़ती है. अगर किसी दिन विद्यालय में सभी छात्राएं पढ़ने के लिए पहुंच जाती है तो विद्यालय प्रबंधन के सामने गंभीर रूप से समस्या उत्पन्न हो जाती है.क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक प्रधानाध्यापक रजनीकांत का कहना है कि संसाधन के अभाव में छात्राओं को काफी परेशानी होती है. छात्राएं पढ़ने के लिए आती है और बेंच-डेस्क नहीं होने के कारण पुन: घर चली जाती है. विद्यालय में पर्याप्त संसाधन व्यवस्था करने के लिए प्रयास किया जा रहा है.

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