(फोटो नंबर-6)परिचय- मोरम की खाई में समाती जा रही सड़क

सड़क के लिए आंदोलन के मूड में ग्रामीण कुटुंबा (औरंगाबाद) अंबा-नवीनगर पथ के ओरडीह मिडिल स्कूल से गोल गरीबा, खैरा, बिजकुरवा, उरदाना होते हुए काला पहाड़ तक जाने वाली सड़क मोरम उत्खनन की खायी में समा गयी है. इससे इन क्षेत्र में जाने वाले लोगों को आवागमन करने में गंभीर रूप से परेशानी हो रही […]

सड़क के लिए आंदोलन के मूड में ग्रामीण कुटुंबा (औरंगाबाद) अंबा-नवीनगर पथ के ओरडीह मिडिल स्कूल से गोल गरीबा, खैरा, बिजकुरवा, उरदाना होते हुए काला पहाड़ तक जाने वाली सड़क मोरम उत्खनन की खायी में समा गयी है. इससे इन क्षेत्र में जाने वाले लोगों को आवागमन करने में गंभीर रूप से परेशानी हो रही है. दोपहिया, तीन पहिया आदि गाडि़यों का भी परिचालन अवरुद्ध हो गया है. इस मामले को लेकर 15 दिन पूर्व आसपास के गांवों के लोगों ने उक्त स्थान पर प्रदर्शन किया था. ग्रामीणों ने इसकी सूचना सांसद सुशील कुमार सिंह, एसडीओ भीम प्रसाद, बीडीओ मनोज कुमार व सीओ ठुइया उरांव को दी थी. मौके पर कुटुंबा पुलिस पहुंच कर लोगों को समझा बुझा कर शांत कराया था. वरीय अधिकारियों की पहल पर कुटुंबा के पीओ हरिओम प्रसाद, तकनीकी अधिकारी को लेकर उक्त स्थान पर मुआयना करने पहुंचे. अधिकारी सड़क के नजदीक 100 से 150 फुट खाई देख कर अवाक रह गये. मालूम हो कि वर्ष 1991 में उस समय के तत्कालीन जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश ने गोल गरीबा को आदर्श गांव बनाने के उद्देश्य से सड़क का निर्माण करा कर रामरेखा नदी में पुलिया बनवाया था. इसके बाद इस क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में सहूलियत होने लगी थी. यह क्षेत्र उग्रवाद से प्रभावित है. उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए योजनाएं चलायी जा रही है. वह भी लोगों को नसीब नहीं हो पा रही है. ग्रामीण सड़क निर्माण नहीं होने को लेकर आंदोलन का मूड बना रहे है.

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