औरंगाबाद : आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में कंप्यूटर न सिर्फ शहरों, बल्कि गांवों में भी लोगों की जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुका है. जरूरत को ध्यान में रख कर इससे दूरी बना पाना नामुमकिन सा हो गया है.
एक ओर यह जहां लोगों के समय और मेहनत दोनों की बचत कर रहा है वहीं इसकी ऐसी कई खामियां है, जिसका दुष्प्रभाव भी समाने आ रहा है. अक्सर देखने को मिल रहा है कि जो बच्चे अभी ढंग से किताबें भी नहीं पढ़ पाते, घंटों तक कंप्यूटर पर बीडीओ गेम खेलते हैं.
लगातार कंप्यूटर के इस्तेमाल से न सिर्फ आंख, रीढ़ की हड्डी, गर्दन, कंधे आदि शरीर के विभिन्न हिस्सों में तरह-तरह की परेशानियां होती है, बल्कि मानसिक तौर पर विभिन्न प्रकार की परेशानियां भी हो रही है.
– ओम प्रकाश प्रीत –
