– परिवहन विभाग के दिशा-निर्देश का नहीं हो रहा पालन
– ऑटो चालक ड्रेस कोड व रूट चार्ट का भी कर रहे उल्लंघन
औरंगाबाद (सदर) : ऐसा लगता है कि शहर के ऑटो चालक अपने ही कायदे कानून से चलते रहेंगे. परिवहन विभाग के नियम ऑटो चालकों के लिए कोई मायने नहीं रखता, तभी तो विभाग द्वारा पहले दिये गये कई प्रकार के दिशा निर्देश को ताक पर रख कर ऑटो चालक इन दिनों ऑटो का परिचालन कर रहे हैं.
न इन्हें ट्रैफिक नियमों की फिक्र है और न ही जिला प्रशासन का डर. अब तो शहर में चलने वाले ऑटो में फिर से फुहड़ संगीत बजने लगे है. इनकी मनमानी ने शहरवासियों के नाक में दम कर रखा है. स्कूल-कॉलेज जानेवाली लड़कियों को एक बार फिर से परेशानी होने लगी है.
फूहड़ गीत से छात्रएं ऑटो में यात्र करने पर अपने आप को असहज महसूस कर रही है. ऑटो चालक न तो ड्रेस कोड का पालन कर रहे है और न ही रूट चार्ट को मान रहे हैं. ऑटो चालकों द्वारा सड़क पर जहां मन में आया ऑटो रोक कर सवारी चढ़ाना-उतारना शुरू कर देते हैं.
छात्र संघ भी है गुस्से में
शहर के ऑटो चालकों का रवैया शुरू से ही ट्रैफिक नियमों के विपरीत रहा है. पहले एक छात्र के साथ जब एक ऑटो चालक द्वारा छेड़खानी की गयी थी, तो उसके बाद कुछ समय के लिए जिला प्रशासन के कड़े रुख अख्तियार करने ऑटो वाले थोड़ा सुधरे थे, लेकिन एक बार फिर से ऑटो चालकों का मनोबल बढ़ गया है.
एसडीओ द्वारा यह निर्देश दिया गया था कि किसी भी ऑटो में म्यूजिक सिस्टम का उपयोग नहीं करना है. बावजूद इसके धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है. इधर, परिवहन विभाग भी ऑटो चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही, जिसका नतीजा है कि यह परिवहन विभाग के सारे नियमों को तोड़ रहे है. अगर परिवहन विभाग इस पर कार्रवाई नहीं करती है, तो छात्र संघ बाध्य होकर आंदोलन करेगी.
दीपक कुमार, सचिव
मगध विश्वविद्यालय छात्र संघ
