गोह (औरंगाबाद) : गोह थाना क्षेत्र के अंकुरी गांव स्थित पुल निर्माण कंपनी के कैंप में हथियारों से लैस अपराधियों ने हमला कर एक मजदूर ठेकेदार की गोली मार कर हत्या कर दी. और कैंप मेें मौजूद अन्य मजदूरों को बंधक बनाकर पहले पीटा, फिर उनके रुपये व मोबाइल लूट कर फरार हो गये.
घटना सोमवार की रात की है. मृतक की पहचान कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी शिवनारायण यादव के रूप में की गयी है. इस घटना में शिवनारायण के भाई कृष्ण कुमार यादव के साथ-साथ कटिहार के दाबौल गांव के अशोक यादव,धोकड़िया के अर्जुन यादव, जाफर,मंगला, कन्ना,रवि कुमार सहित अन्य मजदूर चोटिल हुए है.
इन सभी मजदूरों को अपराधियों ने बेरहमी से पीटा. घटना के पीछे लेवी या रंगदारी कारण बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार रात नौ बजे के करीब 15 से 20 नकाबपोश अपराधी हथियारों से लैस होकर निर्माण कंपनी के कैंप में पहुंचे और वहां रहे तमाम मजदूरों को बंधक बना लिया और मजदूरों की पिटाई शुरू कर दी. इसी बीच ठेकेदार शिवनारायण यादव ने मजदूरों को छोड़ने के लिए अपराधियों से आग्रह किया,लेकिन अपराधियों ने एक नहीं सुनी और ठेकेदार को सीने में बंदूक सटा कर गोली मार दी. इसके बाद तो सारे मजदूर पूरी तरह दहशत में आ गये.
अपराधियों ने मजदूरों का मोबाइल व रुपये लूट लिया, फिर फरार हो गये. इधर घटना की सूचना मिलते ही दाउदनगर एसडीपीओ राजकुमार तिवारी,गोह थानाध्यक्ष मनोज कुमार के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घटना की छानबीन करते हुए मृत ठेकेदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद भेजा.
एसडीपीओ ने बताया कि घटना किन वजहों से हुई है और किन लोगों ने अंजाम दिया है इसकी जांच की जा रही है. इधर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है. फिलहाल संदेह के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लिया गया है.
इसमें मुंशी लव कुश कुमार, राजू कुमार, सुदर्शन प्रजापति, नरेश पासवान शामिल है. इधर घटना के बाद नक्सली घटना की भी चर्चा आम रही. हालांकि पुलिस ने नक्सली घटना होने से साफ तौर पर इंकार किया है.निर्माण कंपनी के ठेकेदार को पर्चा देकर मांगी गयी थी लेवी,पुलिस करती कार्रवाई तो रूक सकती थी घटनागोह के अंकुरी गांव में एक करोड़ चार लाख की लागत से बिलारू नाला पर पुल का निर्माण किया जा रहा था.
इस कार्य में कटिहार जिले के अधिकांश मजदूरों को लगाया गया था. पता चला कि बैजनाथ निर्माण कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार बबलू शर्मा को सात दिसंबर 2019 को लेवी का पर्चा थमाया गया था,जिसमें उससे पैसे की मांग की गयी थी.
बबलू शर्मा ने बताया कि पर्चा मिलने के बाद गोह के तत्कालीन थानाध्यक्ष वेंकटेश्वर ओझा को मामले से अवगत कराया गया था. उस वक्त उन्होंने नक्सली पर्चा नहीं होने की बात कही थी. जिसके बाद हमलोग निश्चिंत होकर कार्य करवा रहे थे. यहां सवाल यह उठता है कि उस वक्त ठेकेदार की बात को पुलिस गंभीरता से लेती तो घटना को रोका जा सकता था.
अपराधियों से विनती करता रहा भाई: निर्माण कंपनी के कैंप में जब मजदूरों को अपराधियों ने बंधक बना लिया उस वक्त मृतक शिवनारायण यादव ने अपराधियों के हाथ और पांव पड़ सभी को बकसने की विनती की,लेकिन अपराधियों ने उसकी एक नहीं सुनी. यह कहते हुए मृतक का भाई कृष्णा कुमार यादव बिलख पड़ा. कृष्णा ने बताया मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था.
खबर सुनते ही घर में मचा कोहराम, मातम
आजमनगर. मृतक के पिता भुनेश्वर यादव से जानकारी के मुताबिक उनका बड़ा बेटा शिव नारायण यादव बीते तीन माह पूर्व अपने गांव के अन्य कई लोगों को लेकर औरंगाबाद पुल निर्माण कम्पनी में काम करने गया था. बताया जा रहा जिस वक्त घटना घटित हुई थी. वहां मृतक के गांव के अन्य कई लोग भी मौजूद रहे थे. जिन्हें हमलावरों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की घटना को अंजाम दिया है.
घटना की खबर मृतक के गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया. मृतक के बूढ़े पिता भुनेश्वर यादव माँ साईमुनी देवी पत्नी उषा देवी सहित पूरे परिवार का रो रो कर बुरा हाल है. मृतक यादव की 32 वर्षीय पत्नी उषा देवी रो रो कर यह कह बेसुध हो जा रही कि अब दो बेटी पूजा कुमारी 10 वर्ष, माधुरी कुमारी 7 वर्ष और बेटा 5 वर्ष आशीष कुमार की परवरिश कैसे होगी.
