बच्चे की मौत के बाद पिता ने लगाया अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

नवीनगर : सरकारी अस्पताल की कुव्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावे तो बड़े करते है,लेकिन उनका दावा हर बार किसी न किसी रूप में दम तोड़ता हुआ दिखता है. नवीनगर रेफरल अस्पताल के लापरवाही से एक पिता को उसका बच्चा गंवाना पड़ गया. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन पर […]

नवीनगर : सरकारी अस्पताल की कुव्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावे तो बड़े करते है,लेकिन उनका दावा हर बार किसी न किसी रूप में दम तोड़ता हुआ दिखता है.

नवीनगर रेफरल अस्पताल के लापरवाही से एक पिता को उसका बच्चा गंवाना पड़ गया. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठना लाजिमी है. मामला टंडवा थाना क्षेत्र के मेहंदी गांव से जुड़ा है. इस गांव के शक्ति पासवान ने बताया कि वह प्रसव पीड़ा से ग्रसित अपनी पत्नी चंद्रकांति देवी को प्रसव के लिए 13 मई की रात रेफरल अस्पताल नवीनगर में भर्ती कराया था.
उस वक्त रात के आठ बज रहा था. ड्यूटी पर रहे महिला कर्मियों के साथ डॉक्टर ने यह कह कर टाल दिया कि अभी प्रसव नहीं होगा,महिला को घर ले जाओ. कहा अनुसार पत्नी को घर ले आया. रात दो बजे के करीब वह दर्द से कराहने लगी,जिसके बाद 15 किलोमीटर की दूरी तय कर पुन: अस्पताल पहुंचा पर वहां आनन-फानन में उसे रेफर कर दिया गया.
पत्नी को नवीनगर मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया ,जहां के डॉक्टरों ने शिशु को मृत घोषित कर दिया. महिला के परिजन साधु पासवान,सरोज पासवान,हरेंद्र पासवान सहित अन्य लोगों ने बताया कि रेफरल अस्पताल के कर्मियों की लापरवाही से शिशु मां की गर्भ में ही दम तोड़ दिया. इधर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुरेश प्रसाद सिंह ने परिजनों के आरोप को बेबुनियाद बताया है.

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