रमजान का मुबारक महीना शुरू, घरों व मस्जिदों में तैयारियां पूरी

औरंगाबाद : रमजान का पाक महीना मुसलमानों के लिए बेहद ही खास मायने रखता है,क्योंकि यह महीना संयम और समर्पण के साथ खुदा की इबादत का महीना माना जाता है. जिसमें हर आदमी अपनी रूह को पवित्र करने के साथ रमजान से जुड़ी कुछ मान्यता: कहा जाता है कि रमजान के पाक महीने के दौरान […]

औरंगाबाद : रमजान का पाक महीना मुसलमानों के लिए बेहद ही खास मायने रखता है,क्योंकि यह महीना संयम और समर्पण के साथ खुदा की इबादत का महीना माना जाता है. जिसमें हर आदमी अपनी रूह को पवित्र करने के साथ रमजान से जुड़ी कुछ मान्यता: कहा जाता है कि रमजान के पाक महीने के दौरान जन्नत के दरवाजे खुल जाते है और नरक के दरवाजे बंद कर दिये जाते है.

खुदा अपने बंदों के अच्छे कामों पर हर वक्त नजर रखता है. हर रोजेदार अल्लाह से अपने सभी बुरे कर्मों की माफी रमजान के पाक महीने में मांगता है. इस लिए यह महीना सभी महीनों में एक अलग जगह रखता है,जिसे पाक महीना कहा जाता है. वैसे भी कहा जाता है कि रमजान के पाक महीने में फर्ज नमाज का शबाब 70 गुना बढ़ जाता है.
इंसानी गलतियो को सुधारने का मौका देता है रमजान: इमाम :जामा मस्जिद के इमाम सैयद शाहिद अनवर नदवी साहब ने कहा कि रमजान के महीने में की गयी इबादत बहुत असरदार होती है.
इसमें खान-पान सहित अन्य दुनियादारी की आदतों पर संयम कर आदमी अपने शरीर को बस में रखता है. साथ ही तराबी और नमाज पढ़ने से बार-बार अल्लाह का जिक्र होता रहता है,जिसके द्वारा इंसान की आत्मा पाक साफ होती है. उन्होंने कहा कि इंसान गलतियों का पुतला भी होता है. अत: अपनी गलतियों को सुधारने का मौका भी रमजान के रोजे में मिलता है. गलतियों के लिए तौबा करने व अच्छाईयों के बदले बरकत पाने के लिए भी इस महीने की इबादत का महत्व है.

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