औरंगाबाद : आठ प्रखंड सूखाग्रस्त, फिर भी धान का उत्पादन बेहतर

औरंगाबाद सदर : जिले के 11 में से 8 प्रखंड सूखाग्रस्त होने के बावजूद भी सरकार द्वारा संचालित किये जा रहे कृषि फार्मों में इस बार भी बंपर फसल का उत्पादन हुआ है. क्रॉप कटिंग के बाद फसलों की पैदावार का वजन कराने के बाद पिछले साल के मुकाबले फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी देखी […]

औरंगाबाद सदर : जिले के 11 में से 8 प्रखंड सूखाग्रस्त होने के बावजूद भी सरकार द्वारा संचालित किये जा रहे कृषि फार्मों में इस बार भी बंपर फसल का उत्पादन हुआ है. क्रॉप कटिंग के बाद फसलों की पैदावार का वजन कराने के बाद पिछले साल के मुकाबले फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी देखी गई.
आश्चर्यजनक बात यह है कि इस बार जिले के आठ प्रखंड सूखे के चपेट में है, इसके बाद भी प्रचुर मात्रा में फसल होना है सुखद अनुभूति देता है. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि थ्रेसिंग के बाद जिले में प्राप्त धान के तमाम बीजों को बीज निगम कुदरा भेज दिया जाएगा.
जहां उपचारित कर उन्हें अगले साल किसानों को सप्लाई के लिए भंडारित कर दिया जायेगा. खरीफ के बाद रब्बी के मौसम में मसूर लगाने की कवायद शुरू की जा रही है. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले के सरकारी कृषि फार्म में मसूर और राई की फसल लगायी जायेगी. जिससे जिले में बीज की कमी को पूरा किया जा सके.
कितनी हुई पैदावार
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि कुटुंबा प्रखंड के कझपा फार्म में 39.6 क्विंटल प्रति हेक्टेयर ,बारुण में 40.4 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, दाउदनगर में 31.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, हसपुरा में 39 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, ओबरा में 36.2 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, गोह में 36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, रफिगंज में 25.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, नवीनगर में 31.3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से क्रॉप कटिंग के परिणाम आए हैं. उन्होने बताया कि यह परिणाम पिछले साल के मुकाबले बेहतर है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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