लगभग चार घंटे तक अस्पताल के कामकाज की समीक्षा करते रहे सीएस
औरंगाबाद कार्यालय : गुरुवार की सुबह सदर अस्पताल का माहौल व्यवस्थित ढंग से दिखा या यूं कहे कि अफरा-तफरी का माहौल रहा. सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र नारायण झा ने लगभग चार घंटे तक डॉक्टर से लेकर महिला कर्मियों और आशा, ममता की क्लास लगायी. सबसे अधिक फजीहत अस्पताल मैनेजर हेमंत राजन, कर्मचारी मिथिलेश कुमार, संजय कुमार, बड़ा बाबू अशोक कुमार को झेलनी पड़ी. सिविल सर्जन ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल की कुव्यवस्था को व्यवस्था में बदलें और नहीं तो घर जाने की व्यवस्था कर दी जायेगी.
इस क्रम में सीएस प्रसव वार्ड पहुंचे और एएनएम ज्ञानती देवी, पूनम कुमारी, पुष्पा कुमारी के साथ-साथ सभी ममता को बुलाकर स्पष्ट नसीहत दी कि मरीजों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगी. अगर नहीं सुधरेंगे तो सुधारने की पुरानी आदत है. प्रभात खबर में बुधवार को प्रकाशित दलाली की खबर पर उन्होंने कहा कि प्रसव वार्ड से मरीजो को अगर दलाली के माध्यम से निजी क्लिनिक में पहुंचाया गया तो एएनएम पर विभागीय कार्रवाई होगी. सीएस ने अस्पताल उपाधीक्षक को भी फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में अराजकता का माहौल है और इसे हर हाल में सुधारना होगा. बिना ड्रेस का कोई भी कर्मचारी ड्यूटी नहीं करेगा.
