औरंगाबाद (कोर्ट) : जिले के पशुपालकों की परेशानी अब जल्द ही समाप्त हो जायेगी. क्योंकि पूरे जिले में विभिन्न जगहों पर नौ पशु अस्पतालों का निर्माण कराया जा रहा है. निर्माण कराये जा रहे ये सभी अस्पताल कंप्यूटरीकृत होंगे, जिसमें पशुओं के इलाज के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध होगी. लगभग पौने तीन करोड़ रुपये की लागत से इन सभी नौ पशु अस्पतालों का निर्माण कराया जा रहा है.
भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि नौ पशु अस्पतालों के नये भवनों का निर्माण भवन निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है. प्रति अस्पताल निर्माण में 29 लाख 31 हजार रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है. अस्पतालों को तकनीकी सुविधा सहित अन्य सुविधाएं से लैस करने के लिए कुछ राशि और खर्च की जायेगी. इससे पशुपाल खुश हैं.
यहां बनेंगे पशु अस्पताल : भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि जिले के नौ जगहों पर पशु अस्पताल के नये भवनों का निर्माण कार्य जारी कर दिया है. जिले के देव, रूकुंदी, भदवां, बारुण, सिरिस, सुंदरगंज, मिर्जापुर, टंडवा एवं डिहरा में पशु अस्पताल के नये भवन बनाये जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि डिहरा को छोड़ कर अन्य सभी जगहों पर अस्पताल के भवन निर्माण का कार्य शुरू हो गया है. डिहरा में जिस जगह पर भवन बनाया जा रहा है, उस जगह पर पानी जमा है. पानी जमा वाली जगह पर मिट्टी भराई कराने के बाद जल्द ही भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा. मिट्टी भराई के लिए अलग से बनाये गये प्राकल्लन की राशि व अन्य प्रक्रिया के कारण कुछ विलंब होने की बात बतायी गयी.
पशुपालन विभाग में कर्मियों का अभाव : जिला पशुपालन विभाग वर्तमान में कर्मियों के अभाव से जूझ रहा है.
यह विभाग के पदाधिकारी भी मानते हैं. हालांकि पदाधिकारियों को सरकार से यह अपेक्षा है कि जल्द ही नये कर्मियों की बहाली की जायेगी. जब तक नये कर्मियों की बहाली नहीं होगी, जिले के किसानों व पशुपालकों की समस्याओं को निपटाया नहीं जा सकता. सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कर्मियों का इतना अभाव है कि एक डॉक्टर तीन-तीन अस्पताल के प्रभार में हैं. ऐसी स्थिति में अस्पताल होने का लाभ लोगों को कितना मिल पाता है, यह कहने की आवश्यकता है.
