अंबा (औरंगाबाद) : पोशाक राशि गबन की मामले की जांच तो हुई, पर जांच के चार माह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी. जांच में आरोप सही पाये जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से छात्राओं में असंतोष व्याप्त है. विदित हो कि पोशाक राशि गबन संबंधी शिकायत दधपा बिगहा निवासी अनिल मेहता ने जिला जन शिकायत कोषांग व जिला शिक्षा पदाधिकारी से की थी.
आवेदन में उन्होंने बताया था कि मेरी बेटी महिला इंटर कॉलेज मुड़िला अंबा की छात्र है, जिसका पोशाक की राशि नहीं मिली और उसके नाम पर पैसे की निकासी कर ली गयी है. प्राप्त आवेदन के आलोक में डीइओ के निर्देश पर बीइओ महेंद्र नाथ ने चार जनवरी को महाविद्यालय में पहुंच कर मामले की जांच की. प्राप्त अभिलेखों के आधार पर बीइओ ने रिपोर्ट डीइओ को सौंपा पर कार्रवाई न हो सकी. बीइओ ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि जांच के समय कॉलेज में प्राचार्य दिनेश कुमार सिंह, प्रो विश्वनाथ सिंह, प्रो दिलीप कुमार, प्रो ब्रजनंदन पाठक, सहायक किरण कुमारी, प्रभा कुमारी, ओम प्रकाश शर्मा, आलोक कुमार सिंह, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी विनोद पांडेय, दीन दयाल सिंह, रामस्वरूप राम, वीरेंद्र कुमार यादव तथा सुमित्र कुंवर उपस्थित थे.
पूछने पर कर्मियों ने बताया कि पोशाक राशि की भुगतान पंजी 2010-12 व 2011-13 के इंटर कला का कार्यालय में उपलब्ध है, पर इंटर विज्ञान की पंजी नहीं है. कर्मियों ने बताया था कि चेक पर हस्ताक्षर प्रबंध समित के सचिव राणा प्रताप सिंह व सदस्य रामचंद्र सिंह द्वारा किया जाता था. बाद में पोशाक राशि का भुगतान बियरर चेक के माध्यम से स्वयं सचिव ने अपने से करवाया. इसका अभिलेख भी कॉलेज से गायब है. बीइओ ने यह भी बताया कि तत्कालीन सहायक बंटेश कुमार द्विवेदी व गुप्तेश्वर प्रसाद जांच के समय अनुपस्थित थे, जिससे उनसे पूछताछ नहीं की जा सकी. प्राचार्य दिनेश कुमार सिंह से बीइओ ने उपस्थिति पंजी की मांग की तो उन्होंने बताया कि जुलाई 2013 से पहले के उपस्थिति पंजी भी कार्यालय में नहीं है. प्राचार्य ने यह भी बताया कि वेंकटेश कुमार द्ववेदी तथा गुप्तेश्वर प्रसाद जिनके द्वारा पोशाक राशि वितरण की गयी थी. वे जुलाई 2013 से ही लगातार गायब हैं.
विदित हो कि 2011-13 के दस छात्राओं ने पोशाक की राशि नहीं मिलने की शिकायत प्राचार्य से किया था, जिसका लिखित शिकायत बीइओ से कॉलेजकर्मी आलोक कुमार ने किया था. बीइओ ने सौंपे गये रिपोर्ट में वेंकटेश कुमार द्विवेदी, गुप्तेश्वर प्रसाद व सचिव राणा प्रताप को दोषी करार दिया है. गौरतलब है कि लगभग दो वर्ष से कॉलेज में विवाद कायम है और इसका खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है. कई बार कॉलेज के छात्राओं ने सड़क जाम कर कार्रवाई की मांग की है पर अब तक प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया है ऐसे में छात्रएं काफी आक्रोशित हैं और कभी भी आंदोलन कर सकती है.
