कई नामचीन हस्तियों की जन्मभूमि को जोड़नेवाली सड़क बदहाल

पहली बारिश के साथ ही जलमग्न हुआ शहर का सिन्हा कॉलेज रोड औरंगाबाद सदर. : सिन्हा कॉलेज रोड के नाम से प्रचलित जिला मुख्यालय से रफीगंज तक जाने वाली जिले की महत्वपूर्ण सड़क है, जो बिहार विभूति अनुग्रह नारायण सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिंह, केरल के पूर्व राज्यपाल व पूर्व सांसद निखिल कुमार के […]

पहली बारिश के साथ ही जलमग्न हुआ शहर का सिन्हा कॉलेज रोड

औरंगाबाद सदर. : सिन्हा कॉलेज रोड के नाम से प्रचलित जिला मुख्यालय से रफीगंज तक जाने वाली जिले की महत्वपूर्ण सड़क है, जो बिहार विभूति अनुग्रह नारायण सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिंह, केरल के पूर्व राज्यपाल व पूर्व सांसद निखिल कुमार के पैतृक गांव पोइवां को जोड़ती है. पोइंवा औरंगाबाद के पूर्व सांसद श्यामा सिंह, वैशाली की पूर्व सांसद किशोरी सिन्हा का ससुराल व बिहार सरकार के पूर्व विज्ञान व प्रोद्योगिकी मंत्री विजय कुमार सिंह का ननिहाल भी है. यह सड़क बिहार सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री रामाधार सिंह की जन्मभूमि सोख्या गांव को भी जिला मुख्यालय से जोड़ती है. यह सड़क डबूरा गांव को भी जाती है
जो पूर्व कांग्रेसी विधायक बृजमोहन सिंह की जन्मभूमि है. इतना ही नहीं जिले सबसे बड़ा कॉलेज सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज भी इसी सड़क के किनारे अवस्थित है. बावजूद इसके यह सड़क अपनी बदहाली पर वर्षों से आंसू बहा रहा है और कोई इसे देखने वाला नहीं है. इस सड़क से होकर जानेवाले गांवों ने बिहार को एक विधायक, दो सांसद, दो बिहार सरकार के मंत्री , एक मुख्यमंत्री व एक स्वतंत्रता सेनानी दिया है, पर अब तक इस सड़क का उद्धार नहीं हो सका है. लोग जर्जर व गड्ढे में तब्दील हो चुकी सड़क पर पिछले पांच वर्षों से चलने को मजबुर है,पर प्रशासन और राजनेताओं को इन बातों से कोई लेना देना नहीं है.
अक्सर इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं. बता दें कि सिन्हा कॉलेज में करीब साढ़े 16 हजार छात्र- छात्राएं नामांकित है, जिनमें से तकरीबन पांच हजार छात्र- छात्राएं ऑटो में सवार होकर इस बदहाल सड़क से होकर कॉलेज जाते हैं. कई बार इस सड़क पर ऑटो पलट जाने से छात्र- छात्राओं को गंभीर चोटें भी आयी हैं, पर सरकार और प्रशासन द्वारा कोई कदम अब तक नहीं उठाया जा रहा है. इधर मॉनसून की पहली बारिश ने सड़क को झील का रूप दे दिया है. सड़क पूरी तरह जलमग्न हो चुका है,जिस पर पैदल तक चलना मुश्किल है.
बन चुका है एस्टीमेट, पर अब तक शुरू नहीं हुआ काम : पिछले वर्ष पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी ने सड़क की बदहाल स्थिति को देखते हुए सड़क निर्माण विभाग से बात की थी,जिसके बाद तत्काल विभाग ने सड़क के बड़े गड्ढों को भरवा दिया था.एसडीओ ने जब आरसीडी के कार्यपालक अभियंता से बात की थी तो कार्यपालक अभियंता ने बताया था कि सड़क का स्टीमेट बन चुका है .
यह सड़क सिन्हा कॉलेज मोड़ से रफीगंज तक जायेगी. स्टीमेट के अनुसार इसकी कुल लागत लगभग 43 करोड़ रुपये है. उन्होने बताया था कि सड़क निर्माण की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है और इसे विभाग के पास भेज दिया गया है. बस उस फाइल पर उप मुख्यमंत्री का हस्ताक्षर होना बाकी है.कार्यपालक अभियंता ने बताया कि डिप्टी सीएम के हस्ताक्षर के बाद टेंडर करा लिया जायेगा, जिसके बाद सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा. जिससे लोगों को परेशानियों से निजात मिलेगी.अब तक ये सारी बातें धरातल पर नहीं उतर पायी हैं और लोग इस सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं.

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