औरंगाबाद सदर : वेतन बढ़ाने समेत सात सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से शुरू बैंककर्मियों की हड़ताल गुरुवार को जारी रही. दूसरे व आखिरी दिन कर्मियों ने आइबीए के कार्यों के विरोध में व अपनी मांग के समर्थन में मार्च निकाला. मार्च के दौरान बैंककर्मियों ने जम कर नारेबाजी की. महाराजगंज रोड स्थित पीएनबी की […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
औरंगाबाद सदर : वेतन बढ़ाने समेत सात सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से शुरू बैंककर्मियों की हड़ताल गुरुवार को जारी रही. दूसरे व आखिरी दिन कर्मियों ने आइबीए के कार्यों के विरोध में व अपनी मांग के समर्थन में मार्च निकाला. मार्च के दौरान बैंककर्मियों ने जम कर नारेबाजी की. महाराजगंज रोड स्थित पीएनबी की मुख्य शाखा से केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला,
जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुन: बैंक शाखा पहुंची, जहां धरने में तब्दील हो गयी. पीएनबी के मुख्य ब्रांच के पास धरने पर बैठे शारंग्धर सिंह, रवि कुमार, प्रेम कुमार, अभिषेक सिंह, आनंद मोहन, मो जियाउद्दीन, रामसुभग दूबे, धनंजय प्रसाद, राजेंद्र सिंह, अमरेश कुमार, राजू कुमार, ललन कुमार, आशुतोष कुमार, सुनील सिंह, रंजीत कुमार सिंह व विनय कुमार राम ने कहा कि केंद्र सरकार बैंक कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है. आईबीए द्वारा वेतन पुनरीक्षण में काफी देरी
की जा रही है.
उनके वेतन पुनरीक्षण का समझौता पिछले वर्ष के नवंबर महीने से ही लंबित है और सरकार कान में तेल डाल कर सोयी हुई है. यूनियन ने जब समझौते के लिए दबाव डाला तो सरकार वार्ता के लिए तैयार हुई, लेकिन महज दो प्रतिशत वृद्धि का ऑफर किया, जिसे यूनाइटेड फोरम के नेताओं ने खारिज कर दिया. कर्मियों ने बताया कि पुन: वार्ता के लिए प्रयास किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला जिसके कारण लाचार होकर बैंककर्मियों को हड़ताल पर जाना पड़ा. हड़तालियों ने कहा कि यह दो दिन की सांकेतिक हड़ताल थी अगर मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे
100 करोड़ का करोबार हुआ प्रभावित
बैंकों के हड़ताल से आम लोगों का कार्य नहीं हो सका. जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एके वाजपेयी ने बताया कि बैंककर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से 100 करोड़ रुपये का काम प्रभावित हुआ है. व्यवसायियों का काम नहीं हो सका है. आम लोगों का भी लेने-देन नहीं हो सका. दोनों दिनों के दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. उन्होंने कहा कि एक जून से बैंक कर्मी काम पर लौट आयेंगे तो लोगों को राहत मिलेगी.